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हिंदी न्यूज़ NCRदहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी से 7 दिन पहले पुलिस को देना होगा नोटिस

दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी से 7 दिन पहले पुलिस को देना होगा नोटिस

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाताPraveen Sharma
Fri, 05 Mar 2021 03:34 PM
दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी से 7 दिन पहले पुलिस को देना होगा नोटिस

दहेज प्रताड़ना के एक मामले में अदालत ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिए हैं कि आरोपी पति और अन्य की गिरफ्तारी से सात दिन पहले उन्हें नोटिस देना होगा। अदालत ने यह आदेश आरोपी पति की अग्रिम जमानत याचिका पर दिया है। अदालत ने कहा कि पारिवारिक विवाद के मामले में वैसे भी गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस उपायुक्त से अनुमति लेने के बाद की जाती है। अगर उपायुक्त इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश भी दें, तब भी आरोपी पक्ष को सात दिन का समय दिया जाए।

पटियाला हाउस कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार की अदालत ने इस मामले में दिल्ली पुलिस से आरोपी की याचिका पर जवाब मांगा था। आरोपी ने अपनी याचिका में कहा था कि पुलिस उसे व उसके परिवार वालों को गिरफ्तार कर सकती है। साथ ही याचिका में यह भी कहा गया कि यह पारिवारिक विवाद का मामला है, जिसे दहेज प्रताड़ना का रंग दिया जा रहा है। इस पर पुलिस ने अदालत में जवाब दायर करते हुए कहा कि उन्होंने शिकायतकर्ता की शिकायत पर तफ्तीश के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्णय किया है। जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी।

इस पर अदालत ने कहा कि जब भी पुलिस एफआईआर दर्ज करे और आरोपियों की गिरफ्तारी का निर्णय करे, उससे पहले उन्हें नोटिस के जरिए सूचित कर दिया जाए। दरअसल, दहेज उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तारी के लिए संबंधित क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त से मंजूरी लेने की आवश्यकता होती है। अगर अधिकारी को लगता है कि पीड़िता को शारीरिक या गहरी मानसिक चोट पहुंचाई गई तो ऐसी स्थिति में आरोपी पक्ष की गिरफ्तारी के आदेश दे दिए जाते हैं, लेकिन अगर अधिकारी को दस्तावेजों से ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी को बगैर गिरफ्तार किए आरोपपत्र तैयार किया जा सकता है तो आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जाती।

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