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दिल्ली पुलिस हटाएगी ब्रिटिशकाल की 7000 राइफल, 5 KG की इस बंदूक संंग 1962 में चीन से लड़े थे भारतीय जवान

भारत में ब्रिटिशकाल की इन .303 कैलिबर ली-एनफील्ड राइफलों का इस्तेमाल 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान भारतीय सेना द्वारा किया गया था और बाद में इन्हें राज्य पुलिस बलों को सौंप दिया गया था।

दिल्ली पुलिस हटाएगी ब्रिटिशकाल की 7000 राइफल, 5 KG की इस बंदूक संंग 1962 में चीन से लड़े थे भारतीय जवान
Praveen Sharmaनई दिल्ली। पीटीआईMon, 20 Nov 2023 01:58 PM
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दशकों तक दिल्ली पुलिस का हिस्सा रही ब्रिटिशकालीन .303 राइफलों को अब जल्द ही पुलिस बल से हटा दिया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 'थ्री-नॉट-थ्री' राइफल के रूप में जानी जाने वाले कम से कम 7,000 ऐसे हथियारों को दिल्ली पुलिस बल से हटाने की तैयारी है। अधिकारी ने कहा कि इन हथियारों का इस्तेमाल वर्षों पहले ही बंद हो गया था और अब उन्हें नष्ट करने की तैयारी है। ये .303 राइफले दिल्ली पुलिस की आर्मरी यूनिट में रखी गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इन हथियारों को नष्ट करने की निगरानी के लिए एक जॉइंट कमिश्नर रैंक के अफसर को नियुक्त किया गया है। सूत्रों ने बताया कि पूरा ऑपरेशन गृह मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी की निगरानी में किया जाएगा। .303 कैलिबर ली-एनफील्ड राइफल शुरू में ब्रिटेन के हथियार कारखाने में निर्मित की गई थी और प्रथम तथ द्वितीय विश्व युद्ध में इनका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया था। भारत में इन राइफलों का इस्तेमाल 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान भारतीय सेना द्वारा किया गया था और बाद में राज्य पुलिस बलों को सौंप दिया गया था।

पुलिस उपायुक्त (प्रोविजनिंग एवं लॉजिस्टिक्स) विनीत कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हथियारों को नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इन हथियारों में से प्रत्येक का वजन लगभग 5 किलोग्राम है। उन्होंने कहा कि इन हथियारों को नष्ट करने की प्रक्रिया लंबी है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत हथियारों के प्रत्येक हिस्से को हटाना और नष्ट करना शामिल है।

इस तरह किया जाएगा नष्ट

अधिकारी ने बताया कि हथियारों को नष्ट करने से पहले, बैरल और इसके अन्य हिस्सों को अलग कर दिया जाता है, ताकि इसका आगे इस्तेमाल न किया जा सके और उसके बाद इन हथियारों का लोहा पिघलाया जाता है। एक अधिकारी ने कहा, "पुलिस बल द्वारा इन राइफलों की सेवा समाप्त करने का निर्णय लेने के बाद से इन राइफलों के कारतूसों की खरीद बंद कर दी गई थी, इसलिए इन राइफलों के लिए कोई कारतूस नहीं बचे हैं।"

दिल्ली पुलिस के पास फिलहाल लंबी दूरी के लिए SLR, INSAS और AK47, कम दूरी के लिए 9 मिमी ग्लॉक पिस्टल, रिवॉल्वर और मशीन गन के रूप में JVPC और MP5 हैं, जिनका इस्तेमाल विशेष अभियानों के दौरान किया जाता है।

पुरानी स्टेन गन को भी जल्द ही नष्ट करने पर विचार

एक अधिकारी ने कहा कि विश्व युद्ध के अवशेष के तौर पर बची पुरानी स्टेन गन को भी जल्द ही नष्ट कर दिया जाएगा। इन स्टेन गनों का एक बड़ा हिस्सा आर्मरी में रखा हुआ है। अधिकारी ने कहा, "एक बार जब ये राइफलें नष्ट हो जाएंगी, तो स्टेन गन का नंबर आएगा।"

उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के पुलिस बल पहले ही .303 राइफल का इस्तेमाल बंद कर चुके हैं। मुंबई पुलिस ने 26/11 हमले के तुरंत बाद इन बंदूकों को बदलने का फैसला किया था, जब उसके जवानों का अत्याधुनिक एके 47 से लैस आतंकवादियों से सामना हुआ था। 

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