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दिल्ली पुलिस के SI ने शूटर्स को बताई थी सूरज मान की लोकेशन? जांच शुरू, अबतक तीन गिरफ्तार

एयरलाइन क्रू मेंबर की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस के एक एसआई की भूमिका संदिग्ध मिली है। माना जा रहा है कि उसने लोकेशन ट्रेस करके शूटर्स को दी थी। दिल्ली और नोएडा पुलिस ने इसकी जांच शुरू की।

दिल्ली पुलिस के SI ने शूटर्स को बताई थी सूरज मान की लोकेशन? जांच शुरू, अबतक तीन गिरफ्तार
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नोएडा नई दिल्लीWed, 24 Jan 2024 06:53 AM
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एयरलाइंसकर्मी सूरज मान की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर (एसआई) की भूमिका संदिग्ध मिली है। आरोप है कि उसने ही सूरज मान की लोकेशन ट्रेस कर हत्यारोपियों को दी थी। नोएडा और दिल्ली पुलिस ने एसआई की जांच शुरू कर दी है। आरोपी एसआई दिल्ली में तैनात है और हत्यारोपियों का सजातीय है। नोएडा सेक्टर-104 स्थित हाजीपुर बाजार में 19 जनवरी को बाइक सवार तीन बदमाशों ने एयर इंडिया के चालक दल के सदस्य सूरज मान की पांच गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इसमें नोएडा पुलिस ने दिल्ली के खेड़ा खुर्द गांव के धीरज और सोनू को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि दिल्ली के गैंगस्टर कपिल मान उर्फ कालू गैंग के गुर्गों ने ही गैंगवार में सूरज मान की हत्या की। 

सूरज का बड़ा भाई प्रवेश मान भी दिल्ली का गैंगस्टर है। प्रवेश मान और कपिल मान के बीच पुरानी अदावत है, जिसमें पांच हत्याएं हो चुकी हैं। हत्याकांड में शामिल दो शूटर कुलदीप और अब्दुल कादिर को दिल्ली पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर चुकी है। एक शूटर की तलाश अब भी जारी है। दिल्ली में प्रवेश मान और कपिल मान गिरोह के बीच चल रही गैंगवार के चलते ही सूरज मान की हत्या हुई थी। इस हत्याकांड में अभी तक दो आरोपी नोएडा पुलिस ने और दो आरोपी दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दिल्ली पुलिस के एक एसआई की भूमिका संदिग्ध मिली है। शक है कि वह हत्याकांड में शामिल गैंग के साथ मिला हुआ था और उसने ही सूरज की लोकेशन के बारे में शूटरों को इनपुट दिया था।

डीसीपी बोले, जांच जारी 

नोएडा के डीसीपी हरीशचंद्र ने कहा कि एसआई के बारे में इनपुट मिला है कि उसने ही सूरज मान की लोकेशन शूटरों को दी थी। वह एक गैंग से मिला हुआ है। इसको लेकर नोएडा और दिल्ली पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। अगर इस हत्याकांड में एसआई के किसी भी तरह से शामिल होने के साक्ष्य मिलते हैं तो उसे गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों ने भी आशंका जताई थी 

हत्याकांड में केस दर्ज करवाने वाले रोमित मान ने पुलिस को उसी दिन बताया था कि उसे भी गोगी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से खतरा है। वह निशाने पर था। यह गैंग मोबाइल नंबर से लोकेशन पता कर लेता है, इसलिए रोमित ने खुद मोबाइल रखना छोड़ दिया। इस डर के कारण उसने गनर को वापस कर दिया। सूरज मोबाइल यूज कर रहा था, इसलिए मोबाइल नंबर से लोकेशन ट्रेस कर सूरज की रेकी की गई। इसके बाद हत्या हुई।

रवि काना का भी नाम गैंग से जुड़ रहा

पुलिस अधिकारियों की मानें तो रवि काना की लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से नजदीकी है। रवि काना के लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से बेहतर रिश्ते हैं। काना उसके गिरोह की आर्थिक मदद करता रहा है। ऐसे में पुलिस रवि काना की भूमिका को लेकर भी जांच कर रही है। लॉरेंस गिरोह को अपने करीबी कपिल मान के विरोधी प्रवेश मान से बदला लेना था, इसलिए प्रवेश के भाई की हत्या की गई। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है।

सिग्नल ऐप से साथियों के संपर्क में थे हत्यारोपी

सूरज मान की हत्या करने के बाद बाइक सवार तीनों शूटरों ने मुरादाबाद के अलावा बिजनौर में भी शरण ली थी। जिस सिग्नल ऐप को बदमाशों ने अपनी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया, उसे क्रेक कर दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे के विशेष ऑपरेशन के बाद दो हत्यारोपियों कुलदीप और अब्दुल कादिर को मुठभेड़ के दौरान सोमवार को दबोच लिया। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कुलदीप ने अपना मोबाइल वारदात के पहले बंद कर लिया था, लेकिन दूसरे आरोपी अब्दुल कादिर का मोबाइल ऑन था। सिग्नल ऐप का इस्तेमाल मिलिट्री और आईबी के अलावा दिल्ली पुलिस भी करती है।

क्या है सिग्नल ऐप

सिग्नल वार्तालाप हमेशा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती है, जिसका अर्थ है कि उन्हें केवल आपके इच्छित प्राप्तकर्ता ही पढ़ या सुन सकते हैं। सिग्नल ऐप त्वरित मैसेजिंग, वॉयस और वीडियो कॉल के लिए एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवा है। त्वरित संदेश सेवा फंक्शन में टेक्स्ट, वॉयस नोट्स, चित्र, वीडियो और अन्य फाइलें भेजना शामिल है।

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