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किसानों पर इस बार नरमी के मूड में नहीं दिल्ली पुलिस, 30 हजार आंसू गैस के गोले मंगाए; जवानों की छुट्टियां भी रद्द

किसान आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कई लेयर की सिक्योरिटी के साथ ही राजधानी में किसानों को घुसने से रोकने को 30 हजार आंसू गैस के गोले भी मंगवाए हैं।

किसानों पर इस बार नरमी के मूड में नहीं दिल्ली पुलिस, 30 हजार आंसू गैस के गोले मंगाए; जवानों की छुट्टियां भी रद्द
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानFri, 16 Feb 2024 07:59 AM
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किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिए मल्टी लेयर सिक्योरिटी लगाई गई है, लेकिन इन सबके बाद भी राजधानी में किसानों को घुसने से रोकने के लिए अपनी तमाम तैयारियों के बीच पुलिस ने 30 हजार आंसू गैस के गोले (Tear Gas Shells) मंगवाए हैं। वहीं,  किसानों के आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस के जवानों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।

दरअसल, पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि प्रदर्शनकारी को रोकने के लिए वे पूरी तरह से तैयार है। चूंकि, पुलिस पहले से ही सुरक्षा की पूरी तैयारी कर चुकी है और सीमावर्ती इलाकों में घेराबंदी के अलावा बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की है। एहतियातन मध्य प्रदेश में ग्वालियर के टेकनपुर स्थित बीएसएफ की ‘टियर स्मोक यूनिट’ (टीएसयू) से 30 हजार आंसू गैस के गोलों की नई खेप मंगाई है।

भीड़ को तितर-बितर करने में इस्तेमाल : आंसू गैस का गोला दंगा-रोधी सामग्री है, जिसका सुरक्षा बल भीड़ को तितर-बितर करने में उपयोग करते हैं। इसका इस्तेमाल करने से आंखों में जलन होती है और आंसू निकलते हैं। इस कारण भीड़ वहां से तितर-बितर हो जाती है, इसलिए पुलिस अमूमन भीड़ को हटाने के लिए इसका इस्तेमाल करती है।

पिछले वर्ष सितंबर में मंगाई थी खेप

पिछले वर्ष सितंबर में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन से पहले भी आंसू गैस के गोलों की खेप मंगाई गई थी। अब किसानों के आंदोलन के मद्देनजर एक बार फिर नई खेप मंगाई गई है। माना जा रहा है कि किसानों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर नई खेप बाहरी, बाहरी-उत्तर और पूर्वी जिला पुलिस को दी जा सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो आंसू गैस का गोला तीन वर्ष तक ठीक रहता है। इसके बाद उसका असर धीरे-धीरे कम होने लगता है, लेकिन अभ्यास उद्देश्यों के लिए सुरक्षा बल सात वर्ष पुराने गोलों का भी इस्तेमाल करते हैं।

भारत बंद के आह्वान पर चौकसी बढ़ी, छुट्टियां रद्द

वहीं, किसानों के भारत बंद (देशव्यापी हड़ताल) का आह्वान को लेकर राजधानी की सुरक्षा बेहद चाक-चौबंद कर दी गई है। किसानों ने भारत बंद के अलावा दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक मुख्य सड़कों पर बड़े पैमाने पर चक्का जाम में भी शामिल होने का ऐलान किया है। ऐसे में राजधानी दिल्ली में लोगों को यातायात संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही अगर किसान इस दौरान उग्र तेवर अपनाते हैं तो कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने सिर्फ सीमावर्ती इलाकों में ही नहीं, बल्कि शहर के अंदरूनी हिस्सों में भी सुरक्षा बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने जवानों को छुट्टियां नहीं लेने का आदेश दिया है। साथ ही उपद्रवियों से निपटने के लिए थाना स्तर पर भी पूरी राजधानी में पूरी तरह से तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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