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दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर सेठी और जेलदार गैंग के दो शार्प शूटर दबोचे

दिल्ली पुलिस ने नरेश सेठी और अनिल जेलदार गिरोह के दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है। इन पर रविवार को नजफगढ़ में एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय पर गोलीबारी करने का आरोप है। पढ़ें यह रिपोर्ट...

दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर सेठी और जेलदार गैंग के दो शार्प शूटर दबोचे
Krishna Singhलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 16 Apr 2024 12:36 AM
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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर नरेश सेठी और अजय जेलदार के दो शार्प शूटर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों में रोहतक निवासी गौरव और पटौदी निवासी लक्ष्य शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक ऑटोमेटिक पिस्टल, दो कारतूस, और बाइक बरामद की है। आरोपी गौरव पर पहले से शराब की तस्करी के दो मामले दर्ज हैं। 

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, दोनों आरोपी गैंगस्टर्स के कहने पर नजफगढ़ स्थित प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस पर फायरिंग कर फरार हुए थे। नजफगढ़ स्थित पवन प्रॉपर्टी के ऑफिस पर 14 अप्रैल को बाइक सवार दो बदमाशों ने फायरिंग की थी। मौके से नरेश सेठी-अजय जेलदार के नाम से एक पर्ची भी मिली, जिसमें एक करोड़ रुपये की डिमांड की गई थी। तभी से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

पुलिस ने फायरिंग करने वालों की पहचान गौरव (28) और लक्ष्य (21) के रूप में की थी। दोनों मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचे थे और कथित तौर पर दो राउंड फायरिंग की थी। अपराध शाखा की नई दिल्ली रेंज (एनडीआर) ने दोनों बदमाशों का पता लगाने के लिए इंस्पेक्टर रामपाल के नेतृत्व में और एसीपी उमेश बर्थवाल की निगरानी में एक टीम गठित की थी।

क्राइम ब्रांच की टीम को दोनों बदमाशों के छावला में आने की सूचना मिली थी। टीम ने घुम्मनहेड़ा गांव के पास बाइक सवारों को रुकने को इशारा किया। बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। टीम ने मुठभेड़ के बाद दोनों को दबोच लिया। पुलिस ने कहा कि यह गिरोह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी है।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने गोलीबारी में अपनी संलिप्तता कबूली है। दोनों ने बताया कि कैसे उन्हें व्यापारिक समुदाय में आतंक फैलाने के निर्देश मिले थे। उन्होंने यह भी बताया है कि कैसे कई बिचौलियों के माध्यम से उन तक आदेश पहुंचाए गए। इससे पुलिस के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि आदेश कहां से आया। अपराध से एक सप्ताह पहले तक दोनों संदिग्ध एक-दूसरे को नहीं जानते थे।

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