ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCRतिहरे हत्याकांड का दोषी पैरोल पर छूटा था, 3 साल से था फरार; पुलिस ने गुवाहाटी से पकड़ा

तिहरे हत्याकांड का दोषी पैरोल पर छूटा था, 3 साल से था फरार; पुलिस ने गुवाहाटी से पकड़ा

दिल्ली पुलिस ने तिहरे हत्याकांड के फरार दोषी को असम के गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। पैरोल पर छूटने के बाद वह तीन साल से फरार चल रहा था। दिल्ली के एक कोर्ट ने उसे आजीवन करावास की सजा सुनाई थी।

तिहरे हत्याकांड का दोषी पैरोल पर छूटा था, 3 साल से था फरार; पुलिस ने गुवाहाटी से पकड़ा
hathkari
Subodh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 16 Jun 2024 06:42 PM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली पुलिस ने तिहरे हत्याकांड के फरार दोषी को असम के गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। पैरोल पर छूटने के बाद वह तीन साल से फरार चल रहा था। 42 वर्षीय नितिन वर्मा को 2008 में अपने माता-पिता और गर्भवती पत्नी की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 19 अप्रैल 2008 को पुलिस ने पाया कि पीड़ितों को पालम गांव में उनके घर पर तेज हथियार से मार दिया गया था। पुलिस ने तब कहा था कि शवों पर कई घाव थे और फर्श खून से लथपथ था।

पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान पता चला कि नितिन वर्मा ने अपनी गर्भवती पत्नी और माता-पिता की हत्या कर दी है। आरोपी ने ये हत्याएं विवाहेतर संबंध के कारण कीं, जो उसकी पत्नी और माता-पिता को नापसंद था। इस बात को लेकर उसका उन लोगों से झगड़ा हुआ था।

हत्याएं करने के बाद वर्मा ने एक सड़क दुर्घटना का हवाला देते हुए यह दावा किया कि वह घटना के दौरान अपने घर पर नहीं था। हालांकि पुलिस को उसके धोखे का पता चल गया और उसे पालम से गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर तीन हत्याओं का आरोप लगाया गया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोविड के दौरान पैरोल पर रिहाई के बाद वह फरार हो गया। 

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे पकड़ने के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया। पुलिस ने उसके परिवार, दोस्तों आदि से उसके बारे में जानकारी एकत्र की। 15 दिनों के प्रयास के बाद पता चला कि आरोपी दरियागंज में कार्यरत था। वह दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स ले टाकर असम में बेचता था। जब तलाशी ली गई और पता चला कि वह एक महीने पहले दरियागंज छोड़ चुका था। उसके बाद पुलिस फिर उसके बारे में जानकारी एकत्र करने लगी। पुलिस को पता चसा कि लह गुवाहाटी में रह रहा था।

गिरफ्तारी से बचने के लिए वह बार-बार अपना मोबाइल हैंडसेट, सिम कार्ड और हुलिया बदल लेता था। इंस्पेक्टर विवेक मलिक के नेतृत्व में और एसीपी उमेश बर्थवाल की देखरेख में दिल्ली पुलिस की टीम ने गुवाहाटी के कुछ हिस्सों में छापेमारी के बाद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।