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दिल्ली में 25 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों पर तगड़े ऐक्शन की तैयारी, MCD करेगी केस

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 25 लाख रुपये से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों पर तगड़े ऐक्शन की तैयारी है। दिल्ली नगर निगम 25 लाख रुपये से अधिक के संपत्ति कर बकायेदारों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।

दिल्ली में 25 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों पर तगड़े ऐक्शन की तैयारी, MCD करेगी केस
Krishna Singhराहुल मानव,नई दिल्लीSat, 25 Nov 2023 06:02 PM
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दिल्ली नगर निगम ने 25 लाख रुपये से अधिक के संपत्ति कर बकायेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेगा। निगम ने सभी संपत्ति कर दाताओं से अपील की है कि वह निगम की वेबसाइट में अपने डाटा को जांच लें। डाटा मौजूद न होने की स्थिति में 31 दिसंबर 2023 तक विशिष्ट संपत्ति पहचान कोड (यूपीआईसी) आईडी बनवा लें। यूपीआईसी आईडी के जरिए संपत्ति करदाता की संपत्ति से जुड़े कर के बारे में व अन्य जानकारी मिलती हैं।

जुर्माना लगाने का प्रावधान
इस आईडी के होने से संपत्ति से जुड़ी सभी सूचना निगम की वेबसाइट पर मौजूद होती हैं। निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निगम के नियम अनुसार 25 लाख से अधिक राशि के बकाया संपत्ति कर का भुगतान न करने के खिलाफ जुर्माना लगाने का प्रावधान है। ऐसी स्थिति में में 3 माह से 7 साल की जेल का सख्त कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही बकाया संपत्ति कर के 50 फीसदी जुर्माने को लगाने का भी प्रावधान है।

संपत्ति कर जमा नहीं करने वालों की पहचान
बीते 3 से 4 वर्षों में काफी समय से अपना संपत्ति कर न जमा कराने वालों की पहचान की गई है। साथ ही यूपीआईसी आईडी बनवाने के लिए 31 दिसंबर 2023 तक की अंतिम तिथि है। अपना सही संपत्ति कर न भरने की सूरत में निगम के नियम के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों से अपील की गई है कि वो अपना संपत्ति कर से संबंधित डाटा जांचें। इसके आधार पर अपने बकाया संपत्ति कर का भुगतान सुनिश्चित करें। 

ऐसा किया जाता है बकायेदारों की पहचान
निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निगम ने थर्ड पार्टी डाटा जैसे भवनों की रजिस्ट्री,बिजली बिल, जीएसटी पंजीकरण, लाइसेंसिंग पंजीकरण डाटा से तैयार डेटाबेस से निगम के पास मौजूद संपत्ति कर डाटा बेस का मिलान करता है। इन सभी संपत्ति कर बकायेदारों से अपील की गई है की वो जल्द से जल्द अपना यूपीआईसी आईडी बनवा कर संपत्ति कर का भुगतान कर दें। ऐसा न करने पर बकायेदारों के खिलाफ न्यायालयों में अभियोजन दायर किया जाएगा।

नए संपत्ति करदाताओं को भी जोड़ रहा निगम
निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में ज्यादा से ज्यादा लोगों को तय समय के अंदर संपत्ति कर जमा कराने के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसके मद्देनजर, निगम नए संपत्ति करदाताओं को भी जोड़ रहा है।

राजस्व बढ़ाने पर है जोर
साथ ही इस वित्तीय वर्ष संपत्ति कर से राजस्व बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। निगम को उम्मीद है कि इस वर्ष तीन हजार करोड़ रुपये या इससे अधिक तक संपत्ति कर से राजस्व प्राप्त करें। अभी तक 1500 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति कर का भुगतान किया जा चुका है। निगम को दिल्ली भर से लगभग 12 लाख संपत्तियों द्वारा संपत्ति कर का भुगतान किया जाता है। जिनमें तीन लाख व्यावसायिक संपत्तियां हैं। वहीं, संपत्ति करदाताओं की संख्या को लगातार बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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