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दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 'स्ट्राइक फॉर बाबरी' के नारे, पुलिस बल तैनात

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में तब माहौल गरमा गया जब दो से तीन छात्रों ने स्ट्राइक फॉर बाबरी के नारे लगाए। इसके बाद विश्वविद्यालय के बाहर एहतियात के तौर पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया।

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 'स्ट्राइक फॉर बाबरी' के नारे, पुलिस बल तैनात
Krishna Singhभाषा,नई दिल्लीTue, 23 Jan 2024 12:08 AM
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दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में सोमवार को एकबार फिर माहौल गरमा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में दो से तीन छात्रों ने 'स्ट्राइक फॉर बाबरी' जैसे नारे लगाए। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस नारेबाजी का वीडियो सामने आने के बाद सोमवार को विश्वविद्यालय के बाहर एहतियात के तौर पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया। यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है जब अयोध्या राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। 

पुलिस बल तैनात
पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह और आगामी गणतंत्र दिवस के मद्देनजर एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। विश्वविद्यालय परिसर के अंदर एक विरोध प्रदर्शन हुआ, लेकिन बाहर कुछ नहीं हुआ। वहीं जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने कहा कि 'विरोध' के कारण शैक्षणिक गतिविधि बाधित नहीं हुई और स्थिति नियंत्रण में है। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि केवल दो से तीन छात्र ही नारेबाजी कर रहे थे। कक्षाओं और परीक्षाओं में किसी तरह की बाधा नहीं आई। यह पूछे जाने पर कि क्या किसी को हिरासत में लिया गया है, पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है।

उच्च न्यायालय ने कार्रवाई बताने को कहा
वहीं दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को अधिकारियों से पूछा कि नागरिकता (संशोधन) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में दिसंबर 2019 हुई हिंसा के मामले में एनएचआरसी की रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने क्या कार्रवाई की है। उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार से पीड़ितों को मुआवजा देने के संबंध में एक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। 

क्या अपने कर्मियों पर कार्रवाई की
उच्च न्यायालय ने पुलिस से सवाल किया कि क्या उसने अपने कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिन्होंने कथित तौर पर छात्रों पर अत्यधिक बल का प्रयोग किया था। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की पीठ ने छात्रों पर कथित पुलिस बर्बरता की घटना से संबंधित याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के वकील से पूछा कि जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की उनकी पहचान करने में अधिकारी सक्षम थे। इस मामले में अगली सुनवाई के लिए पीठ ने 14 मार्च की तारीख तय की है।

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