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दिल्ली-NCR में राहत की फुहार, IMD ने बताया- कहां-कहां हो सकती है बारिश

Delhi Weather: चिलचिलाती गर्मी से परेशान दिल्ली एनसीआर के लोगों को अगले कुछ घंटों में राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आज बारिश की संभावना जताई है। इससे तापमान में भी कमी आएगी।

दिल्ली-NCR में राहत की फुहार, IMD ने बताया- कहां-कहां हो सकती है बारिश
Sneha Baluniएएनआई,नई दिल्लीThu, 20 Jun 2024 09:36 AM
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Delhi Weather: दिल्ली-एनसीआर में मौसम करवट लेने वाला है। भीषण गर्मी और लू से त्राहि-त्राहि कर रहे लोगों को गुरुवार को हल्की राहत मिलने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ घंटों में दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। जिससे चिलचिलाती गर्मी से काफी राहत मिलेगी।

कुछ घंटों में होगी बारिश

आईएमडी ने एक्स पर लिखा, 'अगले दो घंटों के दौरान उत्तरी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पश्चिम दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, मध्य दिल्ली, एनसीआर (लोनी देहात, हिंडन एएफ स्टेशन, बहादुरगढ़, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला) सोनीपत, रोहतक, खरखौदा (हरियाणा) बागपत, खेकड़ा, मोदीनगर, पिलखुआ (यूपी) के कुछ स्थानों पर और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और 20-30 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।'

30 जून को दस्तक देगा मॉनसून

इसी बीच, राष्ट्रीय राजधानी और इसके आसपास के क्षेत्र में भीषण गर्मी का दौर जारी है। आईएमडी ने बुधवार को कहा कि मॉनसून के 30 जून के आसपास दिल्ली-एनसीआर में पहुंचने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया है। आईएमडी वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने एएनआई को बताया, 'पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के लिए हमने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए हमने अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। 30 जून के आसपास दिल्ली-एनसीआर में मानसून दस्तक दे सकता है।'

हीटस्ट्रोक से पांच की मौत

राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने बुधवार को हीटस्ट्रोक की वजह से पांच लोगों की मौत की सूचना दी। जबकि कम से कम 12 लोग, जिनमें से ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर थे, गंभीर हालत में वेंटिलेटर सपोर्ट पर अपनी सांसों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आरएमएल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अजय शुक्ला के अनुसार, मंगलवार को हीटस्ट्रोक के कारण 11 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जो इस मौसम में एक दिन में दर्ज की गई सबसे ज्यादा संख्या है। उन्होंने कहा कि लगभग एक महीने पहले हीटवेव की शुरुआत के बाद से अब तक कम से कम 45 लोगों को हीट से संबंधित बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अस्पताल के अधिकारी ने बताया, 'कुल 22 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और पांच की मौत हीटस्ट्रोक के कारण हुई है। 12 मरीज वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर है। अधिकांश मरीज मजदूर हैं जो बेहद खराब परिस्थितियों में काम करते हैं। मौतों का मुख्य कारण अस्पताल पहुंचने में देरी है। अभी तक हमारे पास कुल 45-50 मरीज आए हैं और हीटवेव की स्थिति शुरू होने के बाद से करीब 7 लोगों की मौत हो चुकी है।' उन्होंने आगे कहा, 'ज्यादातर मरीज गरीब प्रवासी मजदूर हैं। वे बहुत ज्यादा शारीरिक काम करते हैं, इसलिए उन्हें हीटस्ट्रोक होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।'