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Hindi News NCRDelhi-NCR Weather: दिल्ली-NCR में गर्मी का 48° वाला टॉर्चर, अस्पतालों में बेड रिजर्व; भीषण लू से कब मिलेगी राहत

Delhi-NCR Weather: दिल्ली-NCR में गर्मी का 48° वाला टॉर्चर, अस्पतालों में बेड रिजर्व; भीषण लू से कब मिलेगी राहत

Delhi-NCR Weather: दिल्ली-एनसीआर भीषण लू की चपेट में हैं। सोमवार को दिल्ली में कम से कम तीन स्थानों पर तापमान 48 डिग्री को पार कर गया। गर्मी को देखते हुए अस्पतालों में बेड रिजर्व किए गए हैं।

Delhi-NCR Weather: दिल्ली-NCR में गर्मी का 48° वाला टॉर्चर, अस्पतालों में बेड रिजर्व; भीषण लू से कब मिलेगी राहत
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 28 May 2024 05:27 AM
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Delhi-NCR Weather: दिल्ली-एनसीआर सहित लगभग आधा भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। सोमवार को दिल्ली में कम से कम तीन स्थानों पर तापमान 48 डिग्री को पार कर गया। फरीदाबाद में अधिकतम तापमान 47 डिग्री दर्ज किया गया। यह पिछले 15 सालों में सबसे ज्यादा है। वहीं, गुरुग्राम में सोमवार का दिन 13 वर्षों में सबसे गर्म रहा। यहां का तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नोएडा भी 47 डिग्री पर धधकता रहा। लू की स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार के सभी 26 अस्पतालों में दो-दो बेड आरक्षित किए जाएंगे। एलएनजेपी अस्पताल में पांच बेड आरक्षित किए जाएंगे। हालांकि 30 मई के बाद कुछ राहत के आसार हैं।

कई इलाकों में पारा 48 डिग्री के पार 

दिल्ली के जिन इलाकों में सोमवार को अधिकतम तापमान 48 डिग्री से ऊपर रहा, उनमें नजफगढ़, मुंगेशपुर और नरेला जैसे इलाके शामिल हैं।

तीन दिन बाद राहत संभव 

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम भारत के लोगों को 30 मई के बाद भीषण लू से राहत मिल सकती है। 30 मई से लू की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी, क्योंकि एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है।

जून में फिर लू चलेगी 

मौसम विभाग के अनुसार, जून में देश के अधिकांश राज्यों में लू चलेगी। दिल्ली, पश्चिमी यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है तथा उमस भी बढ़ेगी।

सामान्य से अधिक बारिश होगी 

भारतीय मौसम विभाग ने मानसून को लेकर पूर्वानुमान जारी करते हुए इस बार जून-सितंबर के बीच सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने सोमवार को कहा, इस बार 106 फीसदी मानसूनी बारिश होगी, जो सामान्य से अधिक है। मानसून के चार महीनों में 88 सेमी बारिश होती है। इस बार यह छह फीसदी ज्यादा होगी। पूर्वानुमान के सही होने की संभावना 63 फीसदी है। 

अप्रैल में जारी पहले पूर्वानुमान में भी 106 फीसदी बारिश होने की संभावना जताई गई थी। उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश सामान्य रहेगी। मध्य और दक्षिणी भारत में यह सामान्य से अधिक होगी। पूर्वोत्तर में यह सामान्य से कम रहेगी। पूर्वोत्तर में चूकि सामान्य बारिश ज्यादा होती है इसलिए थोड़ी कमी के बावजूद कोई फर्क नहीं पड़ेगा।