ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRDelhi Pollution : दिल्ली के 22 क्षेत्रों में सांस लेना भी मुश्किल, फिर 400 के पार पहुंचा AQI

Delhi Pollution : दिल्ली के 22 क्षेत्रों में सांस लेना भी मुश्किल, फिर 400 के पार पहुंचा AQI

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 395 था। इस स्तर की हवा को बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन यह गंभीर श्रेणी से सिर्फ छह अंक नीचे है।

Delhi Pollution : दिल्ली के 22 क्षेत्रों में सांस लेना भी मुश्किल, फिर 400 के पार पहुंचा AQI
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानThu, 23 Nov 2023 05:17 AM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली में बुधवार को जहांगीरपुरी, मुंडका, बवाना, रोहिणी समेत 22 इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंच गया। यानी इन इलाकों की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। इस साल बीते 20 अक्टूबर के बाद से एक दिन भी ऐसा नहीं रहा, जब दिल्ली की हवा सांस लेने लायक रही हो। इस अवधि में हवा की गुणवत्ता खराब, बेहद खराब, गंभीर और अत्यंत गंभीर श्रेणी में ही रही है। हवा की दिशा में हुए बदलाव से शनिवार और रविवार को प्रदूषण से हल्की राहत मिली थी, लेकिन इसके बाद से फिर प्रदूषण स्तर में लगातार इजाफा हो रहा है।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 395 था। इस स्तर की हवा को बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन यह गंभीर श्रेणी से सिर्फ छह अंक नीचे है। एक दिन पहले मंगलवार को सूचकांक 372 रहा था, यानी 24 घंटे के भीतर 23 अंकों की बढ़ोतरी हुई।

हवा की धीमी रफ्तार से परेशानी : दिल्ली की हवा ज्यादातर समय शांत बनी हुई है। हालांकि, जब हवा चलती भी है तो इसकी रफ्तार दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहती है। इस कारण प्रदूषक कणों का बिखराव बेहद धीमा हो रहा है और प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है।

तीन दिन राहत मिलने के आसार नहीं : पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा तैयार वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों तक वायु गुणवत्ता स्तर बेहद खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं।

हवा सामान्य से तीन गुना ज्यादा जहरीली

मानकों के अनुसार, हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 100 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 60 से कम होना चाहिए, तभी उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। मगर दिल्ली-एनसीआर की हवा में बुधवार शाम चार बजे पीएम 10 का औसत स्तर 313 और पीएम 2.5 का स्तर 198 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। इस तरह से हवा में प्रदूषण कणों का स्तर मानकों से तीन गुना से भी ज्यादा है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें