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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के इन 10 स्थानों पर हो रहे सबसे अधिक हादसे, क्या है इसकी वजह

मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक्सप्रेसवे पर जनवरी-2023 से अब तक करीब 99 लोगों की जान जा चुकी है। लोगों का आरोप है कि आईआईटी मद्रास की टीम द्वारा दिए सुझाव के बावजूद सुरक्षा संबंधित सुधार नहीं किए जा रहे हैं।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के इन 10 स्थानों पर हो रहे सबसे अधिक हादसे, क्या है इसकी वजह
Praveen Sharmaनूंह (हरियाणा)। हिन्दुस्तानSat, 18 May 2024 10:23 AM
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फरीदाबाद मंडल के तीन जिलों से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) पर 10 से अधिक ऐसे स्थान हैं, जहां पर लगातार सबसे अधिक सड़क हादसे हो रहे हैं। बुधवार को भिरावटी के पास एक सीए की मौत हो गई। इससे पांच दिन पहले भी दौसा में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी।

एक्सप्रेसवे पर जनवरी-2023 से अब तक करीब 99 लोगों की जान जा चुकी है। लोगों का आरोप है कि आईआईटी मद्रास की टीम द्वारा दिए सुझाव के बावजूद सुरक्षा संबंधित सुधार नहीं किए जा रहे हैं। यह एक्सप्रेसवे करीब 1350 किलोमीटर लंबा है, जो दिल्ली को मुंबई से जोड़ता है। पिछले साल इसे राजस्थान के दौसा तक इस पर ट्रैफिक चालू किया गया है। यह एक्सप्रेसवे पांच राज्यों से होकर गुजरता है। एक्सप्रेसवे की हरियाणा में लंबाई करीब 129 किलोमीटर, राजस्थान में 373, मध्यप्रदेश में 244, गुजरात में लंबाई 426, महाराष्ट्र में 171 किलोमीटर आदि है। दिल्ली से हरियाणा से फरीदाबाद, पलवल और नूंह होते हुए यह मार्ग राजस्थान में प्रवेश करता है।

लापरवाही से जान जा रही

वाहन चालक हादसे बढ़ने के पीछे निर्माणाधीन कंपनी और एनएचएआई अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। आरोप है कि इनके द्वारा यहां तय सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इससे लगातार हादसे बढ़ रहे हैं। फरीदाबाद में निर्माण कार्य में हो रही देरी भी हादसे का कारण बन रही है। निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर वाहनों के आवागमन बढ़ने से हादसे हो रहे हैं। एक्सप्रेसवे के साथ जगह-जगह ढाबे, चाय की दुकानें खुल रही हैं। जिनको देखकर राहगीर रास्ते में रुक जाते हैं। खासतौर से ट्रक ज्यादा रुकते हैं।

निर्माण कार्य की वजह से भी परेशानी

फरीदाबाद के बाईपास रोड पर सेक्टर-37 से कैली गांव तक इस राष्ट्रीय राजमार्ग को बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य से इस मार्ग पर शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। इससे सेहतपुर, पल्ला, सेक्टर-31 कट, सेक्टर-29, बीपीटीपी, आईएमटी के अलावा पलवल में मिंडकोला और नूंह में भी कई क्षेत्र हैं, जहां हादसे हो रहे हैं। इससे यहां से आवागमन करने वाले वाहन चालकों को खतरा है।

मार्च में किया था निरीक्षण

आईआईटी मद्रास की टीम ने मार्च में मुंबई एक्सप्रेसवे का  निरीक्षण किया था। टीम ने कई खामियों की जानकारी एनएचएआई को दी थी। एक्सप्रेसवे पर बने अवैध कट को बंद करने के साथ सड़क किनारे खड़े वाहनों की रोकथाम आदि का सुझाव भी दिया गया था।

गश्त करने का दावा

नूंह स्थित यातायात थाना मांडीखेड़ा के प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि उनकी टीम द्वारा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार गश्त कर रही है। इस महीने एक्सप्रेसवे के किनारे डंपर खड़ा करने वाले 10 से अधिक चालकों पर केस दर्ज हुए हैं।