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दिल्ली के 150 नर्सिंग होम व अस्पतालों के पास फायर NOC नहीं, बेबी केयर सेंटर अग्निकांड के बाद खुलासा

राजधानी दिल्ली के छोटे-बड़े करीब 150 से ज्यादा नर्सिंग होम और अस्पतालों के पास फायर विभाग की एनओसी नहीं है। बेबी केयर सेंटर हादसे के बाद अन्य अस्पतालों की जानकारी हासिल करने पर यह खुलासा हुआ है।

दिल्ली के 150 नर्सिंग होम व अस्पतालों के पास फायर NOC नहीं, बेबी केयर सेंटर अग्निकांड के बाद खुलासा
Praveen Sharmaनई दिल्ली। रमेश त्रिपाठीMon, 27 May 2024 05:06 AM
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राजधानी दिल्ली के छोटे-बड़े करीब 150 से ज्यादा नर्सिंग होम और अस्पतालों के पास फायर विभाग की एनओसी नहीं है। विवेक विहार इलाके में स्थित बेबी केयर सेंटर में शनिवार हुए दर्दनाक हादसे के बाद अन्य अस्पतालों की जानकारी हासिल करने पर यह खुलासा हुआ है। एनओसी नहीं होने के बावजूद भी इनका संचालन किया जा रहा है।

विभाग के सूत्रों ने बताया कि कई अस्पताल अनधिकृत रिहायशी इलाकों में बने हुए हैं। यह विभाग की ओर से तय मानकों को पूरा नहीं करते। एक भी मानक कम होता है तो उस परिसर को आग से सुरक्षित नहीं माना जाता। वर्तमान में केवल 80 बड़े अस्पतालों को ही दमकल विभाग की ओर से एनओसी मिली हुई है। इन अस्पतालों में आग से बचाव के लिए पुख्ता इतंजाम किए गए हैं। अस्पतालों का समय-समय पर ऑडिट किया जाता है।

2010 के बाद को मान्यता नहीं : 2010 के बाद बने निजी अस्पतालों को बगैर विभाग की एनओसी के मान्यता नहीं दी जा सकती। सरकारी अस्पतालों की कुछ इकाइयों या ब्लॉक को छोड़कर सभी के पास फायर एनओसी है। इमारत के जिन हिस्सों या यूनिट में कमी है, उस कमी को पूरा करने के लिए विभाग की तरफ से निर्देश जारी कर समय दिया जाता है। उसके भीतर ही इन अस्पतालों को कमी को पूरा करना होता है।

अदालत में चल रहा मामला : दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) प्रमुख अतुल गर्ग का कहना है कि सभी बड़े प्रमुख सरकारी अस्पताल में ऑडिट करने के बाद संबंधित एजेंसियों को कमियां दूर करने निर्देश दिए जाते हैं। फायर विभाग के मानक पूरा नहीं करने वाले छोटे अस्पताल और नर्सिंग होम का मामला फिलहाल न्यायालय में चल रहा है। इसमें न्यायालय की तरफ से जो भी निर्देश दिया जाएगा, उसके हिसाब से विभाग तय करेगा कि इन अस्पतालों को एनओसी देनी है या नहीं।

यह हैं नियम

पहले नौ मीटर से ऊंचे निजी अस्पताल के लिए आग से बचाव का अलग से कोई प्रावधान नहीं था। इन्हें वर्ष 2010 में दमकल विभाग के दायरे में लाया गया है। इनमें से करीब 150 से ज्यादा छोटे श्रेणी के नर्सिंग होम की श्रेणी में आने वाले अस्पताल अनाधिकृत और रिहायशी इलाकों में हैं। इन अस्पताल के लिए संबंधित विभाग से बिल्डिंग का प्लान पास नहीं है। लिहाजा ऐसी श्रेणी के अस्पतालों के लिए नियम तय करने की प्रक्रिया जारी है।