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Hindi News NCRमॉडर्न स्कूल ने 8 बच्चों को थमाया स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, पैरेंट्स ने भेजा लीगल नोटिस; क्या है वजह

मॉडर्न स्कूल ने 8 बच्चों को थमाया स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, पैरेंट्स ने भेजा लीगल नोटिस; क्या है वजह

दिल्ली के बाराखंभा रोड स्थित मॉडर्न स्कूल ने ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के तहत पढ़ने वाले आठ बच्चों को स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट दे दिया। जिसके परिणामस्वरूप पैरैंट्स ने स्कूल को लीगल नोटिस भेजा है।

मॉडर्न स्कूल ने 8 बच्चों को थमाया स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, पैरेंट्स ने भेजा लीगल नोटिस; क्या है वजह
Sneha Baluniलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 09 May 2024 11:30 AM
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दिल्ली के बाराखंभा रोड स्थित मॉडर्न स्कूल ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) कैटेगरी के तहत एडमिशन लेने वाले आठ बच्चों को एग्जाम में फेल होने के बाद स्कूल लीविंग (स्कूल छोड़ने का) सर्टिफिकेट जारी कर दिया है। फैसले से नाराज पैरेंट्स ने अब स्कूल को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें बच्चों को उसी क्लास में दोबारा एडमिशन देने और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत पढ़ाई जारी रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

दिल्ली में निजी स्कूलों को ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। दिल्ली के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 में कहा गया है कि सरकारी जमीन पर बने स्कूलों- जैसे बारखंभा का मॉडर्न स्कूल को एलीमेंट्री (शुरुआती) छोड़कर ईडब्ल्यूएस श्रेणी के बच्चों को अनिवार्य रूप से मुफ्त शिक्षा प्रदान करनी होगी।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के अन्य निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों ने कहा कि जो छात्र एक बार एक क्लास में फेल हो जाते हैं, उन्हें स्कूल छोड़ने के लिए नहीं कहा जाता, बल्कि उन्हें दोबारा उसी क्लास में पढ़ना होता है। आठ छात्रों के पैरेंट्स ने कहा कि उनके बच्चे - चार लड़के और चार लड़कियों का एडमिशन नर्सरी में हुआ था। आठ में से सात छात्र मैथ्स और साइंस के कंपार्टमेंट एग्जाम में पास नहीं हो पाए, वहीं एक छात्र अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस परीक्षा को पास नहीं कर पाया।

एक छात्र की मां ने कहा, 'हमें बताया गया कि स्कूल के नियम ऐसे हैं कि दोबारा एडमिशन नहीं हो सकता और हम उन्हें 10वीं क्लास के लिए 'ओपन स्कूलिंग' सिस्टम में इनरोल करने पर विचार करना चाहिए। लेकिन इनकी उम्र 'ओपन' सिस्टम के लिए कम है... यदि वे फेल हो गए तो स्कूल का अगला कदम उन्हें एक और मौका और उनकी मदद करना होना चाहिए था। अन्य छात्रों के लिए क्लासेज शुरू हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है और ये छात्र घर पर बैठे हैं।'