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Hindi News NCREarthquake: NCR में फिर आया भूकंप, दिल्ली में ही केंद्र; इस महीने तीसरी बार हिली धरती

Earthquake: NCR में फिर आया भूकंप, दिल्ली में ही केंद्र; इस महीने तीसरी बार हिली धरती

दिल्ली में एक बार फिर शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। दोपहर 3 बजकर 36 मिनट पर उत्तरी दिल्ली में ये झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.6 आंकी गई है। भूकंप आने के बाद

Earthquake: NCR में फिर आया भूकंप, दिल्ली में ही केंद्र; इस महीने तीसरी बार हिली धरती
Swati Kumariहिंदुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीSat, 11 Nov 2023 04:33 PM
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Delhi Earthquake: दिल्ली में एक बार फिर शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। उत्तरी दिल्ली में दोपहर तीन बजकर 36 मिनट पर ये झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.6 आंकी गई है। भूकंप आने के बाद दिवाली की तैयारियों में जुटे लोगों में दहशत का माहौल हो गया और सभी लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए।  बता दें इस महीने में तीसरी बार दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। 

इससे पहले छह नवंबर को दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर से भूकंप के झटके लगे। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.6 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र भी नेपाल ही था। दिल्ली के अलावा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भी महसूस किए गए थे। 

3 नवंबर को नेपाल में आया था भूकंप
जर्मन रिसर्च सेंटर के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.2 पर मापी गई। वहीं नेशनरल सेंटर फॉर सिस्‍मोलॉजी के अनुसार तीव्रता 6.4 रही थी। भूकंप का केंद्र का नेपाल में था। तेज भूकंप के झटके से लोगों में काफी दहशत थी। भूकंप की तीव्रता इतनी जोरदार थी कि लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए थे। भूकंप की कंपन कुछ सेकेंड तक महसूस हुई। 

दिल्ली में क्यों बार-बार आते हैं भूकंप के झटके

बीते कुछ महीनों में दिल्ल-एनसीआर की धरती दिल्ली के भूकंप के तेज झटकों से कई बार हिल चुकी है। इसके चलते लोगों में डर लगा रहता है कि दिल्ली में कहीं बड़ा भूकंप नहीं आ जाए। इसका अंदेशा लंबे समय से लगाया जा रहा है। भूकंप को लेकर एक्सपर्ट का मानना है कि दिल्ली में बड़ी तीव्रता का भूकंप आ सकता है, क्योंकि दिल्ली भूकंपीय क्षेत्रों के जोन 4 में स्थित है। जानकारों के मुताबिक, देश को इस तरह के चार जोन में बांटा गया है। जोन-4 में होने की वजह से दिल्ली भूकंप का एक भी भारी झटका बर्दाश्त नहीं कर सकती। दिल्ली हिमालय के निकट है जो भारत और यूरेशिया जैसी टेक्टॉनिक प्लेटों के मिलने से बना था। धरती के भीतर की इन प्लेटों में होने वाली हलचल की वजह से दिल्ली, कानपुर और लखनऊ जैसे इलाकों में भूकंप का खतरा सबसे ज्यादा है।