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25 सितम्बर, 2020|7:31|IST

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सत्येंद्र जैन बोले- 'जहां झुग्गी वहीं मकान' दिल्ली सरकार का वादा, पीयूष गोयल को पत्र लिखकर दिया मदद का आश्वासन

slum dwellers on railway tracks  ht photo

दिल्ली के स्वास्थ्य एवं शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली में रेल पटरियों के किनारे 48,000 झुग्गियों में रहने वाले गरीब परिवारों को 'पक्के' घर उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत योजना बनाने के बारे में बुधवार को केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा है। दिल्ली सरकार ने रेल पटरियों के किनारे झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के लिए रेलवे को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और उनके पुनर्वास के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करने की पेशकश की है।

सत्येंद्र जैन ने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को लिखे पत्र में कहा कि सभी एजेंसियों को आपस में सहयोग करना होगा और ''जहां झुग्गी वहीं मकान'' के AAP और BJP दोनों के वादे के अनुसार झुग्गीवासियों को फिर से बसाना होगा।

जैन ने अपने पत्र में कहा कि मलिन बस्तियों को स्थानांतरित करने के लिए एक विस्तृत योजना की आवश्यकता होगी। यदि रेल मंत्रालय मंजूरी देता है तो दिल्ली योजना तैयार कर सकती है। उन्होंने झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को घर मुहैया कराने में दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

दिल्ली में 140 किलोमीटर रेलवे पटरियों के किनारे बसी हजारों झुग्गियों में रहने वालों को राहत देते हुए केंद्र ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा अंतिम निर्णय लेने तक उन्हें नहीं हटाया जाएगा। केंद्र ने कहा कि रेलवे, दिल्ली सरकार और शहरी विकास मंत्रालय के परामर्श से अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अदालत ने कहा कि झुग्गीवासियों के खिलाफ चार सप्ताह तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त को दिल्ली में रेल पटरियों के किनारे स्थित लगभग 48,000 झुग्गी बस्तियों को हटाने का निर्देश दिया था और कहा था कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होगा।

सोमवार को दिल्ली विधानसभा सत्र में अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को उचित पुनर्वास के बिना विस्थापित नहीं किया जाएगा और आश्वासन दिया गया है कि उन्हें बेदखल करने से पहले पक्के मकान मुहैया कराए जाएंगे।

जैन ने कहा कि 'जहां झुग्गी वहीं मकान' नीति के अनुसार, उन्हें झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास के लिए हटाए जाने वाली झुग्गियों के पास जमीन तलाशनी होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार को सभी भूमि स्वामित्व एजेंसियों के सहयोग की आवश्यकता होगी।

पीयूष गोयल को लिखे अपने पत्र में जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास 40,000 फ्लैट हैं जिनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर किया जा सकता है, लेकिन ये फ्लैट दिल्ली के बाहरी इलाकों में हैं। ये उन झुग्गियों में रहने वालों को दिए जा सकते हैं जिनके लिए जमीन उनके पड़ोस के पास उपलब्ध नहीं है और जिन्हें 'जहां झुग्गी वहीं मकान' नीति के अनुसार मकान नहीं दिए जा सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का मानना ​​है कि COVID-19 महामारी के दौरान झुग्गी निवासियों को नहीं हटाया जाना चाहिए। कानून स्पष्ट है कि जब तक उन्हें पक्के मकान उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक झुग्गी-झोपड़ियों को नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने अपनी नीति में उन्हें अपने मौजूदी झुग्गी बस्तियों के पास पक्के मकान देने का कानूनी अधिकार दिया है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक अलग मामले में दायर हलफनामे में शहर सरकार की इस नीति को स्वीकार किया है।

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  • Web Title:Delhi Minister Satyendar Jain write a letter to Piyush Goyal assures full cooperation to railways in shifting slum dwellers