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Delhi Meerut Expressway : दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़े कई अहम काम अधर में लटके, ये है देरी की वजह

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को चार चरणों में तैयार किया गया है, लेकिन वर्ष 2019 में एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण की घोषणा की गई, जो गाजियाबाद की सीमा से शुरू होगा और मेरठ में हापुड़ रोड को जोड़ेगा।

Delhi Meerut Expressway : दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़े कई अहम काम अधर में लटके, ये है देरी की वजह
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानMon, 05 Feb 2024 06:07 AM
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi Meerut Expressway) से जुड़े कई अहम काम किसानों के विरोध के कारण अभी तक अधर में लटके हैं। खासकर, पांचवें चरण का काम करीब 10 महीने से बंद है। इस वजह से प्रोजेक्ट डेढ़ से दो वर्ष तक पिछड़ चुका है।

किसान मोहिउद्दीनपुर-खरखौदा मार्ग को एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। विरोध के बीच प्रोजेक्ट के करीब 70 फीसदी हिस्से में काम पूरी तरह से बंद है। उधर, लालकुआं पर नेशनल हाईवे से एक्सप्रेसवे की लेन में प्रवेश और निकासी का काम उद्घाटन के करीब एक महीने बाद भी शुरू नहीं हो सका है।

मौजूदा समय में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को चार चरण के तहत तैयार किया गया है, लेकिन वर्ष 2019 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण की घोषणा की है, जो गाजियाबाद की सीमा से शुरू होगा और मेरठ में हापुड़ रोड को जोड़ेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को वर्ष 2020 में पूरा कर लिया गया। जमीन अधिग्रहण के बाद मार्च 2022 में काम शुरू हुआ। तय शर्तों के हिसाब से दो वर्ष में प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना था, परंतु बीते वर्ष मार्च में स्थानीय लोगों व किसानों ने मोहिउद्दीनपुर-खरखौदा मार्ग से जोड़े जाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया। उन्होंने प्रोजेक्ट के एक बड़े हिस्से में काम बंद करा दिया।

किसानों की मांग पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने मोहिउद्दीनपुर-खरखौदा मार्ग पर ट्रैफिक को लेकर सर्वे कराया, जिसके बाद उम्मीद जगी कि प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है। सूत्रों का कहना है कि मोहिउद्दीनपुर-खरखौदा मार्ग को जोड़ने संबंधित फाइल मंत्रालय स्तर पर लंबित है, जिसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

तकनीकी दिक्कतें आ रहीं

एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि कुछ तकनीकी दिक्कतें थी, जिसकी वजह से काम शुरू नहीं हो पाया था। अब जल्द ही शुरू होने जा रहा है। मई के अंत तक जाकर ही लोगों को प्रवेश और निकासी की सुविधा मिल पाएगी।

मेरठ आने-जाने वाले लोगों का इंतजार बढ़ा रहा

देरी से मेरठ आने-जाने वाले लोगों को मिलने वाली सुविधा का भी इंतजार बढ़ रहा है। मौजूदा वक्त में अगर किसी को मेरठ के पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी हिस्से में जाना होता है तो उन्हें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ता परतापुर में उतरना पड़ता है, जो मेरठ के दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में है। वहां से यूनिवर्सिटी व मेडिकल कॉलेज की तरफ जाने में 30-45 मिनट का समय लगता है।

एनएचएआई को तीन माह में पूरा करना था प्रोजेक्ट

लालकुआं के पास गाजियाबाद से दिल्ली की तरफ आने वाले एनएच-9 की लेन से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की लेन में प्रवेश के लिए पॉइंट बनाया जाना है। साथ ही, दिल्ली से गाजियाबाद की तरफ निकासी बनाई जानी है। कार्य का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। एनएचएआई ने तीन महीने के अंदर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा था।

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