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दिल्ली के उपराज्यपाल ने केजरीवाल को दी नई टेंशन, एलजी ऑफिस ने AAP सरकार से 18 अटकी फाइल मांगीं

दिल्ली के उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार द्वारा अदालतों, न्यायिक बुनियादी ढांचे, त्वरित न्याय और न्याय प्रशासन प्रणाली से संबंधित करीब 18 फाइलों और प्रस्तावों पर हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की है।

दिल्ली के उपराज्यपाल ने केजरीवाल को दी नई टेंशन, एलजी ऑफिस ने AAP सरकार से 18 अटकी फाइल मांगीं
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानFri, 08 Dec 2023 05:49 AM
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दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के बीच तनातनी और बढ़ सकती है। उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार द्वारा अदालतों, न्यायिक बुनियादी ढांचे, त्वरित न्याय और न्याय प्रशासन प्रणाली से संबंधित करीब 18 फाइलों और प्रस्तावों पर हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की है।

उन्होंने ऐसी सभी फाइलों को तीन दिन के भीतर निर्णय के लिए उनके पास प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ये फाइलें छह महीने से दिल्ली सरकार के कानून मंत्री के पास लंबित हैं।

मुख्य सचिव को दिल्ली सरकार के निर्देश मानने होंगे, SC ने साफ की स्थिति

राजनिवास के सूत्रों के मुताबिक, इन फाइलों में रोहिणी में जिला न्यायालय परिसर के निर्माण, राउज एवेन्यू कोर्ट में वकीलों के चेंबर, जिला अदालतों के लिए थिन-क्लिंट मशीनों की खरीद, फैमिली कोर्ट के लिए प्रिंटर, राज्य और कानूनी सेवा प्राधिकरण के गठन, आधिकारिक रिसीवर की नियुक्ति और दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस और न्यायाधीशों के भत्ते में वृद्धि आदि के प्रस्ताव शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रमुख सचिव (कानून और न्याय) द्वारा चार दिसंबर को प्रस्तुत रिपोर्ट के बाद एलजी सचिवालय द्वारा एक पत्र प्रमुख सचिव (कानून और न्याय) को भेजा गया है। इस पत्र की एक कॉपी मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजी गई है।

पिछले माह कानून मंत्री को पत्र लिखा था

सूत्रों के अनुसार, एलजी सचिवालय के संज्ञान में ऐसी 18 फाइलें आई थीं। 13 नवंबर को इन फाइलों पर शीघ्र निर्णय लेने के लिए दिल्ली सरकार के कानून मंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। जिसके बाद उपराज्यपाल सचिवालय ने गुरुवार को प्रधान सचिव (कानून और न्याय) को पत्र लिखकर 'आप' सरकार द्वारा इन फाइलों को निपटाने में हुई अप्रत्याशित देरी और इससे न्यायिक प्रणाली की दक्षता और प्रभावशीलता के प्रभावित होने की बात कही।

'आप' ने पलटवार करते हुए काम गिनाए

वहीं, एलजी कार्यालय के आरोपों का जवाब देते हुए दिल्ली सरकार ने कहा कि ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा इंवेस्टमेंट केजरीवाल सरकार ने किया है। इसके अलावा विश्व स्तरीय कोर्ट परिसर का निर्माण दिल्ली में किया गया। केजरीवाल सरकार ने राउज एवेन्यू कोर्ट, कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर, हाईकोर्ट में अलग-अलग ब्लॉक समेत तीस हजारी कोर्ट के निकट कोर्ट परिसर का निर्माण कराया गया। 

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