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दिल्ली में जारी है सर्दी का सितम, कोहरे-शीतलहर ने तोड़ा 21 सालों का रिकॉर्ड; 13 साल बाद दिन-रात इतने ठंडे

दिल्ली में सर्दी का सितम जारी है। कोहरे और शीतलहर के डबल अटैक से लोगों को खासी परेशानियां हो रही हैं। वहीं ठंड ने 21 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जनवरी में बहुत कम दिन धूप निकली।

दिल्ली में जारी है सर्दी का सितम, कोहरे-शीतलहर ने तोड़ा 21 सालों का रिकॉर्ड; 13 साल बाद दिन-रात इतने ठंडे
Sneha Baluniलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 31 Jan 2024 05:41 AM
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दिल्ली में सर्दी का सितम जारी है। जनवरी के ज्यादातर दिन बहुत सर्द और घने कोहरे वाले रहे। धूप के दर्शन भी कम ही हुए। इन सभी कारणों की वजह से दिल्ली में जनवरी का महीना 21 साल बाद सबसे ठंडा रहा। सफदरजंग वेधशाला के अनुसार, महीने का अधिकतम औसत तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस था, जो 2015 के समान और 2003 के बाद सबसे कम था। 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार, 33 साल पहले के रिकॉर्ड में केवल तीसरी बार है जब जनवरी में अधिकतम औसत तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। अन्य दो साल 2015 और 2003 थे, जब औसत तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जनवरी में अधिकतम सामान्य तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस है, जो इस महीने दर्ज किए गए तापमान से 2.2 डिग्री अधिक है।

जनवरी 2024 में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब रही, घने कोहरे वाली सुबह और हाड़ कंपाने वाली ठंड ने इस महीने को 2003 के बाद से दिन के समय या अधिकतम तापमान के मामले में सबसे ठंडा बना दिया। जनवरी में दिन का औसत तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम दर्ज किया गया। 2015 में भी इतना ही अधिकतम औसत तापमान दर्ज किया गया था। हालांकि, 2003 में अधिकतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस था।

राजधानी में 13 साल, 2013 के बाद जनवरी में रात और दिन दोनों ही सामान्य से ज्यादा सर्द रहे। इस महीने का औसत न्यूनतम तापमान 6.43 डिग्री सेल्सियस रहा। साथ ही पांच दिन शीत लहर और पांच दिन शीत दिवस की स्थिति रही। पहले के वर्षों में आमतौर पर किसी एक स्थिति का ही प्रभाव ज्यादा देखने को मिलता रहा है। दिल्ली में इस बार जनवरी में सामान्य से ज्यादा ठंड पड़ रही है। परेशानी की बात यह है कि न्यूनतम और अधिकतम दोनों ही तापमान सामान्य से कम हैं।

न्यूनतम तापमान सामान्य से साढ़े चार डिग्री कम होने पर उसे शीतलहर की स्थिति कहा जाता है। इस बार जनवरी में ऐसे पांच दिन रहे हैं। न्यूनतम तापमान दस डिग्री से नीचे और अधिकतम तापमान सामान्य से साढ़े चार डिग्री कम होने पर उसे शीत दिवस कहते हैं। इस पांच दिन शीत दिवस रहे। इसका मतलब यह है कि शहर में कम से कम एक दशक में जनवरी में सबसे अधिक चरम मौसम वाले दिन देखे गए। ठंड के साथ-साथ दिल्ली में अधिकांश दिनों में घने कोहरे की चादर छाई रही।

आईएमडी के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले 32 सालों में, जनवरी में औसत अधिकतम तापमान केवल तीन बार 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे गया। जनवरी 2024 और 2015 दोनों में औसत अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो जनवरी 2003 की तुलना में केवल 0.3 डिग्री अधिक है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। 

इस बार रिकॉर्ड टूटा

● इस बार जनवरी में पांच दिन शीतलहर और पांच दिन शीत दिवस के रहे
● 2023 में आठ दिन शीत दिवस वाले थे और शीत लहर केवल एक दिन ही रही थी
● वर्ष 2022 में शीत लहर वाले सात दिन थे, जबकि शीत दिवस की स्थिति एक दिन भी नहीं बनी

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