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Delhi Hospital Fire: सब खाक होने के बाद पुलिस को फोन, 35 मिनट पहले शॉर्ट सर्किट से अस्पताल में लगी थी आग

Delhi Hospital Fire: दिल्ली के विवेक विहार स्थित बेबी केयर सेंटर में आग से बच्चों की मौत को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शॉर्ट सर्किट होने के 35 मिनट बाद पुलिस को फोन किया गया।

Delhi Hospital Fire: सब खाक होने के बाद पुलिस को फोन, 35 मिनट पहले शॉर्ट सर्किट से अस्पताल में लगी थी आग
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 28 May 2024 05:50 AM
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विवेक विहार स्थित बेबी केयर सेंटर में आग से बच्चों की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि पीसीआर कॉल से करीब 35 मिनट पहले ही शॉर्ट सर्किट के चलते आग लग गई थी। इससे वेंटिलेटर बंद हो गए और चारों ओर धुआं फैल गया। आशंका है कि वेंटिलेटर सपोर्ट खत्म होने और धुएं के कारण दम घुटने से शिशुओं की मौत हो हुई है। हालांकि, सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगी। देरी से सूचना के पीछे क्या वजह रही, पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में पता चला कि शनिवार रात 10.55 बजे शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगी थी। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में यह घटना रिकॉर्ड हुई है और आग को शुरू होते देखा जा सकता है। इसके करीब 35 मिनट बाद यानी 11.30 बजे सूचना पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी गई। इस बीच शॉर्ट सर्किट व आग लगने के कारण अस्पताल की बिजली चली गई और वेंटिलेटर बंद हो गए। साथ ही, आग के साथ अस्पताल में धुआं भरने लगा। इस मामले में अस्पताल मालिक और डॉक्टर को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जयपुर भागने की फिराक में था आरोपी 

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी डॉ. नवीन कीची हादसे के वक्त अस्पताल में नहीं था। जब उसने घटना के बारे में सुना तो वह अपने कुछ जानने वालों की मदद से जयपुर भागने की योजना बनाने लगा, लेकिन तब तक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

अस्पताल में चार चिकित्सक और 20 नर्सिंग स्टाफ 

अस्पताल में पकड़े गए आरोपी डॉ. नवीन कीची और डॉ. आकाश के अलावा चार चिकित्सक और 20 नर्सिंग स्टाफ काम करते थे। हादसे के वक्त इनमें से मौजूद स्टाफ ने स्थानीय लोगों की मदद से खिड़की के रास्ते बाकी पांचों बच्चों को बचाने में काफी मेहनत की और उन्हें बाहर निकलवाया।

क्षमता से अधिक बच्चों को करता था भर्ती 

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बेबी केयर सेंटर में क्षमता से काफी ज्यादा करीब 20 बच्चों को एक साथ भर्ती किया था। इसके लिए वह प्रत्येक बच्चे का खर्च 10-12 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूलता था। इसमें दवाइयों का शुल्क शामिल नहीं था। बच्चे की बीमारी के हिसाब से दवाइयों के अलग-अलग शुल्क तय करता था।

यूपी और हरियाणा से भी भेजे जाते थे मरीज 

आरोपी नवीन ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा व दिल्ली के विभिन्न चिकित्सकों को कमीशन के आधार पर अपने साथ जोड़ रखा था। इनके माध्यम से जो मरीज यहां बेबी केयर सेंटर में आते थे, आरोपी उनके बदले एक निश्चित कमीशन उन्हें दे देता था। जांच टीम का दावा है कि ऐसे अस्पताल संचालकों से भी पूछताछ की जाएगी जो कमीशन लेकर बच्चों की जान जोखिम में डालते हैं।

आरोपी डॉक्टर का विवादों से पुराना नाता रहा 

इस हादसे से पहले साल 2021 में भी यह अस्पताल विवादों में आ चुका है। इस दौरान यहां काम करने वाली एक नर्स ने नौकरी से तंग आकर एक बच्चे की जमकर पिटाई कर दी थी। तब भी परिजनों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन आदि किया था।

शाहदरा के पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने कहा, 'मामले में दो आरोपियों डॉ नवीन और डॉ आकाश को गिरफ्तार किया गया था। आज अदालत से उनकी तीन दिन की पुलिस कस्टडी ले ली गई है। इस दौरान पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।'

दिल्ली और हरियाणा में चलाता था बेबी केयर सेंटर

आरोपी डॉ. नवीन शाहदरा जिले के विवेक विहार के अलावा दिल्ली के पंजाबी बाग, हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी बेबी केयर सेंटर चलाता है। उसके पास पीडियाट्रिक में एमडी की डिग्री है। इसके आधार पर ही ये सेंटर चलाता था। सूत्रों का कहना है कि हादसा होने के बाद से पंजाबी बाग वाला बेबी केयर सेंटर बंद कर दिया गया है।