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दिल्ली हाईकोर्ट ने डीडीए को 'डीयर पार्क' में हिरणों की गणना करने के दिए निर्देश, क्या वजह?

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने डीडीए (Delhi Development Authority, DDA) से 'डीयर पार्क' में चित्तीदार हिरणों की जनगणना करने को कहा है। क्या है इसकी वजह जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट...

दिल्ली हाईकोर्ट ने डीडीए को 'डीयर पार्क' में हिरणों की गणना करने के दिए निर्देश, क्या वजह?
Krishna Singhहिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 14 Feb 2024 11:43 PM
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दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (Delhi Development Authority, DDA) से राष्ट्रीय राजधानी में डीयर पार्क में चित्तीदार हिरणों की गणना करने को कहा। उच्च न्यायालय ने सुझाव दिया कि यदि पार्क में जानवरों की संख्या ज्यादा है तो उनमें से कुछ हिरणों को राजधानी के अन्य हरित क्षेत्रों में स्थानान्तरित किया जा सकता है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन एवं मनमीत पीएस आरोड़ा की पीठ ने लघु चिड़ियाघर के रूप में पार्क की मान्यता रद्द करने के केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडिए) के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई पर की। 

पीठ ने कहा कि दल्ली में जहांपनाह जैसे कई शहरी वन है जहां अतिरिक्त हिरणों को स्थानान्तरित किया जा सकता है। जबकि डीयर पार्क में 50 हिरण रखना ही उचित है। पीठ ने का कि शहर में रहने वाले बच्चों को इन्हें देखने का मौका मिलता है। दिल्ली वासियों को इस सुविधा से वंचित करना उचित नहीं है। इस सुविधा को खत्म ना किया जाए।

दक्षिणी दिल्ली के हौजखास इलाके में स्थित डीयर पार्क को आधिकारिक तौर पर ए एन झा डियर पार्क के नाम से जाना जाता है। यह डीडीए के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह पार्क लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। सीजेडिए ने पिछले साल आठ जनू को डीयर पार्क की मिनी जू के रुप में मान्यता को रद्द करने का आदेश जारी किया था। 

दिल्ली हाईकोर्ट ने बाद में अधिकारियों से पार्क से चित्तीदार हिरणों के स्थानान्तरण के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने को कहा था। याचिकाकर्ता न्यू दिल्ली नेचर सोसायटी के वकील ने कहा कि मान्यता रद्द करने का आधार वहां बढ़ते हिरणों की संख्या बढ़ना है। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने डीडीए को कहा है कि हिरणों की आबादी की गणना की जाए। इसके बाद ही तय किया जाएगा कि हिरणों को कहां सुरक्षित माहौल में स्थानान्तरित किया जा सकता है।

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