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अगर मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच लंबी चले तो जब्त की गई संपत्ति वापस होनी चाहिए : दिल्ली हाईकोर्ट

हाईकोर्ट निर्देश दिया है कि यदि मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत जांच अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर किए बिना एक वर्ष से अधिक तक चलती है, तो जांच के दौरान जब्त की गई संपत्ति वापस की जानी चाहिए।

अगर मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच लंबी चले तो जब्त की गई संपत्ति वापस होनी चाहिए : दिल्ली हाईकोर्ट
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानSat, 03 Feb 2024 05:42 AM
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दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी याचिकाकर्ता को बड़ी राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट निर्देश दिया है कि यदि मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत जांच अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर किए बिना एक वर्ष से अधिक तक चलती है, तो जांच के दौरान जब्त की गई संपत्ति वापस की जानी चाहिए।

जस्टिस नवीन चावला की बेंच ने कहा कि यदि 365 दिन से अधिक की अवधि की जांच से मनी लॉन्ड्रिंग के तहत किसी भी अपराध से संबंधित कोई कार्यवाही नहीं होती है, तो जब्त की गई संपत्ति उस व्यक्ति को वापस कर दी जानी चाहिए।

हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को 19 और 20 अगस्त, 2020 को तलाशी और जब्ती अभियान के तहत याचिकाकर्ता से जब्त किए गए दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति और अन्य सामग्री याचिकाकर्ता को वापस करने का निर्देश दिया है। बेंच ने कहा कि हालांकि, प्रर्वतन निदेशालय इस सामान को लौटाते समय कुछ शर्त लगा सकता है।

दो दिन तलाशी और जब्ती अभियान चला

हाईकोर्ट के वकील डीपी सिंह के माध्यम से महेन्द्र कुमार खंडेलवाल की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि 19 और 20 अगस्त 2020 को प्रतिवादी ने ईसीआईआर के आधार पर उसके परिसर में तलाशी और जब्ती की है। वर्ष 2017 में याचिकाकर्ता को मेसर्स भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) की कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के लिए अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) के रूप में नियुक्त किया था। 

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