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दिल्ली में मिलेंगे NCR के शहर? जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने क्या कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के पड़ोसी शहरों जैसे मेरठ, फरीदाबाद और गुरुग्राम को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मिलाने के अनुरोध संबंधी जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है।

दिल्ली में मिलेंगे NCR के शहर? जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने क्या कहा
Praveen Sharmaनई दिल्ली। पीटीआईFri, 01 Mar 2024 10:18 AM
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दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के पड़ोसी शहरों जैसे मेरठ, फरीदाबाद और गुरुग्राम को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मिलाने के अनुरोध संबंधी जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि ये शहर अपने संबंधित क्षेत्राधिकार वाले उच्च न्यायालयों से बहुत दूर हैं और इसलिए इन्हें दिल्ली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि पंजाब के लिए जालंधर में एक नया हाईकोर्ट स्थापित किया जाना चाहिए, क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में मौजूदा हाईकोर्ट जाने में अमृतसर जैसे स्थानों में रहने वाले लोगों को असुविधा होती है।

एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि राज्यों के क्षेत्रों के पुनर्गठन के साथ-साथ उच्च न्यायालयों की स्थापना करना उच्च न्यायालय के क्षेत्र में नहीं है। इस बेंच में जस्टिस मनमीत पीएस अरोड़ा भी शामिल थीं।

बेंच ने कहा, ‘‘आप अदालत में क्यों आए हैं? हम संसद नहीं हैं। संसद मेरे आदेश से नहीं चलती। हम राज्यों की सीमाओं का पुनर्गठन नहीं करते। हम यह तय नहीं करते कि कौन सा हाईकोर्ट कहां से कार्य करेगा। यह हमारे डोमेन में नहीं है।’’

अदालत ने कहा कि याचिका संविधान के अनुच्छेद 3 की अनदेखी में दायर की गई थी जो नए राज्यों के गठन की प्रक्रिया और मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में बदलाव से संबंधित है।

बेंच ने कहा कि किसी राज्य की सीमाओं को बनाने या बदलने के लिए बिल भारत के राष्ट्रपति की सिफारिश पर संसद में पेश किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि, "कोई चाहता है कि हम नक्शा दोबारा बनाएं। बस यही एकमात्र चीज बची है।"

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