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कोरोना से भर्ती, हार्ट अटैक से मौत; दिल्ली सरकार की दलील खारिज, हाईकोर्ट बोला- मुआवजा दें

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को उस व्यक्ति के परिजनों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है, जो कोरोना वायरस से संक्रमित था और Covid​​-19 जटिलताओं के कारण मारा गया था।

कोरोना से भर्ती, हार्ट अटैक से मौत; दिल्ली सरकार की दलील खारिज, हाईकोर्ट बोला- मुआवजा दें
Krishna Singhहिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 11 Feb 2024 04:40 PM
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दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कोविड-19 के कारण हुई व्यक्ति की मौत पर उसके परिजनों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने के निर्देश दिए हैं। उच्च न्यायालय ने राज्य की इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि मौत का कारण हृदय गति रुकना था। बता दें कि इस व्यक्ति की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट सकारात्मक होने के एक महीने बाद मृत्यु हुई थी।

दिल्ली सरकार का कहना था कि इसलिए इस व्यक्ति का परिवार मुख्यमंत्री कोविड-19 आर्थिक सहायता योजना के तहत मुआवजे का हकदार नहीं है।

हालांकि उच्च न्यायालय ने अस्पताल के मृत्यु सारांश पर ध्यान दिया कि याचिकाकर्ता के पति को कोविड ​​-19 का संक्रमण हुआ था। उन्हें भर्ती कराया गया था और 19 जून, 2021 को उनकी मृत्यु तक वह अस्पताल में रहे। कोविड-19 के दुष्परिणामों में कभी सुधार नहीं हुआ। अंततः 19 जून, 2021 को उनका निधन हो गया। सिर्फ इसलिए कि मृत्यु का अंतिम कारण कार्डियक अरेस्ट दिखाया गया है। 

उच्च न्यायालय ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि याचिकाकर्ता के पति का निधन कोविड-19 की जटिलताओं के कारण नहीं हुआ। न्यायाधीश सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने एक महिला की याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें 2021 में उसके पति की कोविड​​-19 के कारण मृत्यु के लिए मुख्यमंत्री कोविड-19 आर्थिक सहायता योजना के तहत मुआवजा जारी करने के लिए राज्य अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई थी।

उच्च न्यायालय ने अनुग्रह सहायता देने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के वर्ष 2021 के फैसले का भी हवाला दिया। उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि मृत्यु प्रमाण पत्र में कोविड-19 से प्राथमिक स्तर पर पीड़ित पाए जाने पर उसके बाद की अन्य शारीरिक परेशानियों को कोरोना के बाद का नतीजा माना जाएगा। 

उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता महिला के पति को कोविड-19 हो गया था। 25 अप्रैल 2021 को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार नहीं हुआ और दो महीने बाद अस्पताल में ही उनका निधन हो गया। उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता महिला राज्य सरकार की योजना के तहत अनुग्रह राशि पाने की हकदार है।

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