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नहीं बांटीं किताबें, MCD स्कूलों को हाईकोर्ट की फटकार, कहा- यह ठीक नहीं; निगरानी के आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को एमसीडी संचालित स्कूलों के छात्रों को किताबें एवं अन्य अध्ययन सामग्री की आपूर्ति नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि यह ठीक स्थिति नहीं है।

नहीं बांटीं किताबें, MCD स्कूलों को हाईकोर्ट की फटकार, कहा- यह ठीक नहीं; निगरानी के आदेश
Krishna Singhपीटीआई,नई दिल्लीTue, 23 Apr 2024 07:37 PM
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दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को एमसीडी संचालित स्कूलों के छात्रों को पाठ्यपुस्तकों और अन्य अध्ययन सामग्री की आपूर्ति नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि यह ठीक स्थिति नहीं है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने नगर निकाय आयुक्त को एमसीडी स्कूलों का दौरा करने और उनके कामकाज की निगरानी करने के निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने उक्त आदेश बच्चों को किताबों की आपूर्ति नहीं किए जाने की शिकायत वाली एक जनहित याचिका पर दिए।

पीठ में न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा भी शामिल थे। पीठ ने आयुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि हम इसे आप पर छोड़ते हैं। यदि आपको लगता है कि आप जो काम कर रहे हैं उससे संतुष्ट हैं, यदि आप अपने कर्मचारियों द्वारा किए गए काम की सामग्री से खुश हैं, तो हम आपको शुभकामनाएं ही दे सकते हैं। यदि आप लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं तो आपके लिए सौभाग्य की बात है। हमने इसे आपके संज्ञान में ला दिया है। यह सुखद स्थिति नहीं है। स्कूलों का दौरा करें और पता करें.. 

वहीं एमसीडी आयुक्त ज्ञानेश भारती ने अदालत को बताया कि दिल्ली सरकार की ओर से दी जाने वाली पाठ्य पुस्तकों के अलावा, वर्दी और स्टेशनरी जैसे अन्य सामग्री के लिए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की जाती है। लगभग दो लाख छात्रों के पास बैंक खाता नहीं है। इन बच्चों का बैंक खाते खोलने के प्रयास युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। मैंने उन स्कूलों का दौरा किया है जहां किताबों की आपूर्ति में देरी के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंध देने के लिए अधिकृत स्थायी समिति का गठन नहीं होने को जिम्मेदार ठहराया है। 

सुनवाई के दौरान एमसीडी आयुक्त ज्ञानेश भारती वीडियो कांफ्रेंस पर मौजूद थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही पूरी हो जाएगी। अदालत ने कहा- जब आप दौरा करना करेंगे तभी स्कूल सही स्थिति में आएंगे। जब तक आप निगरानी नहीं करेंगे, कुछ नहीं होने वाला। स्थायी समिति के अभाव में शून्यता नहीं हो सकती। ऐसी स्थिति में, दिल्ली सरकार को तुरंत वित्तीय शक्ति किसी अन्य उपयुक्त प्राधिकारी को सौंप देनी चाहिए। दो कार्य दिवसों में जरूरी काम पूरा किए जाएं।