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हिंदी न्यूज़ NCRदिहाड़ी मजदूर को राशन कार्ड न देने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 'आप' सरकार को भेजा नोटिस, पूछा- 8 साल से क्यों लंबित है आवेदन?

दिहाड़ी मजदूर को राशन कार्ड न देने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 'आप' सरकार को भेजा नोटिस, पूछा- 8 साल से क्यों लंबित है आवेदन?

नई दिल्ली। पीटीआई Praveen Sharma
Sun, 17 Oct 2021 01:16 PM
दिहाड़ी मजदूर को राशन कार्ड न देने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 'आप' सरकार को भेजा नोटिस, पूछा- 8 साल से क्यों लंबित है आवेदन?

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक दिहाड़ी मजदूर द्वारा राशन कार्ड के लिए किए गए आवेदन पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि दिहाड़ी मजदूर का राशन कार्ड जारी करने का आवेदन आठ साल से लंबित क्यों है?

जस्टिस रेखा पल्ली ने दिहाड़ी मजदूर की याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका में मांग की गई है कि उन्हें तय समयसीमा के भीतर राशन कार्ड दिया जाए जिस पर उनके परिजनों के नाम हों। जस्टिस पल्ली ने दिल्ली सरकार के वकील को इस बारे में निर्देश प्राप्त करने के लिए समय भी दिया।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने सितंबर 2013 में ही राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था और इस बारे में निरंतर अनुरोध भी किया, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया।

अदालत ने छह अक्टूबर के आदेश में कहा कि आवेदन में जिस तरह की राहत मांगी गई है उसके मद्देनजर दिल्ली सरकार के वकील को यह निर्देश दिया जाता है कि वह यह जानकारी प्राप्त करें कि आवेदक का आवेदन बीते आठ साल से लंबित क्यों है?

वकील जयश्री सतपुते और तृप्ति पोद्दार के माध्यम से दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने कहा कि अधिकारियों की निष्क्रियता और अक्षमताओं के कारण उसे और उसके परिवार को भोजन के अधिकार, स्वास्थ्य के अधिकार का उल्लंघन करते हुए सब्सिडी वाले खाद्यान्न के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। जीवन के अधिकार की गारंटी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दी गई है।

अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता महिला और उनका परिवार दक्षिणी दिल्ली की एक बस्ती में रहता है और उनके पति के नाम पर 2005 में जारी राशन कार्ड अधिकारियों द्वारा एकतरफा तरीके से 2013 में रद्द कर दिया गया था।

याचिकाकर्ता ने कहा कि वह और उसका परिवार गरीबी में जी रहा है और आठ साल पहले राशन कार्ड के लिए आवेदन करने के बावजूद अपने परिवार के लिए भोजन उपलब्ध कराने में असमर्थ है। इसने आगे बताया कि हालांकि याचिकाकर्ता ने महामारी के दौरान अधिकारियों द्वारा वितरित किए जा रहे मुफ्त राशन को जुटाया, लेकिन उसके राशन कार्ड के आवेदन के लंबित होने के कारण उसे राशन प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। याचिका में याचिकाकर्ता ने अधिकारियों से 25,000 रुपये का मुआवजा भी मांगा है। अब इस मामले पर सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी। 

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