Delhi Govt started preparations for bring one thousand e-buses - दिल्ली में 1000 ई-बसों के लिए सरकार की तैयारी हुई तेज, ट्रायल भी शुरू DA Image
18 नबम्बर, 2019|12:08|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दिल्ली में 1000 ई-बसों के लिए सरकार की तैयारी हुई तेज, ट्रायल भी शुरू

आनंद विहार से महरौली के बीच रूट नंबर 534 पर ई-बस का ट्रायल शुरू। (Photo : P

राजधानी दिल्ली में ई-बसों का तीसरा ट्रायल गुरुवार से शुरू हो गया। एक हजार ई-बसें सड़कों पर उतारने के लिए सरकार ने निविदा जारी करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के मुताबिक, ई-बस से दिल्ली की आबोहवा को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने रूट नंबर 534 पर आनंद विहार से महरौली रूट के लिए ई-बस ट्रायल को हरी झंडी दिखाई। बस की बैट्री पूरी तरह चार्ज होने के बाद यह 250 किलोमीटर चलेगी। बस निर्माता कंपनी का दावा है कि इससे जीरो फीसदी प्रदूषण होगा। सामान्य बसों की तुलना में इसके अंदर होने वाले ध्वनि प्रदूषण में भी 30 फीसदी की कमी आएगी। गहलौत ने कहा कि हम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से ई-प्लेटफार्म पर ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। 3 नवंबर से हमने ई-बस का ट्रायल शुरू किया था। यह तीसरी बस है, जिसका हम बस निर्माता कंपनियों के साथ मिलकर ट्रायल कर रहे हैं। जल्द ही 1000 बसों के लिए निविदा जारी कर दी जाएगी। उम्मीद है कि ई-बस की पहली खेप हमें जुलाई 2019 में मिल जाएगी। डिपो में चार्जिंग स्टेशन बनाने की दिशा में भी काम हो रहा है।

दिल्ली से बिहार के लिए चलाई जाएंगी एसी बसें, जानें पूरा शेड्यूल

नारंगी बसों के मुकाबले क्षमता कम : बीते नवंबर में शुरू हुई ई-बस ट्रायल के आधार पर दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट (डिम्ट्स) अपनी रिपोर्ट दे चुकी है। उसके मुताबिक, ई-बस चलाने की लागत 111 रुपये प्रति किलोमीटर आएगी। इस लागत में परिचालन, चार्जिंग, रखरखाव समेत आदमी के श्रम को भी जोड़ा गया है। रिपोर्ट में डिम्ट्स ने यह भी कहा है कि सामान्य तौर पर क्लस्टर स्कीम के तहत चलने वाली नारंगी बसें 210 से 260 किलोमीटर प्रतिदिन चलती हैं। मगर, ई-बसें इतना नहीं चल पाएगी। क्योंकि कुछ समय बाद उनकी बैट्री की क्षमता उतनी अधिक नहीं होगी।

  • 2.5 करोड़ रुपये के लगभग है एक ई-बस की कीमत
  • 250 से 300 किलोमीटर सफर करेगी एक बार चार्ज होने के बाद
  • 36 सवारियों के बैठने के लिए सीटें होंगी ई-बस में
  • 04 लाख ई-बसें है फिलहाल पूरी दुनिया में

इन छह डिपो में चार्जिंग स्टेशन बनाने की तैयारी
पूर्वी विनोद नगर
रोहिणी सेक्टर-37
बुराड़ी
मधेला कलां
सराय काले खां
दौराला

देश में अभी तक केवल 30 ई-बसें

देश में अभी केवल 30 ई-बसें हैं। हिमाचल प्रदेश ने 200 से अधिक बसों के टेंडर निकाले हैं। परिवहन मंत्री कैलाश गहलौत का दावा है कि चीन के बाद दिल्ली के पास सबसे ज्यादा ई-बसें होंगी। एक अध्ययन के मुताबिक, एक ई-बस पांच लाख किलोमीटर तक चलेगी। इस दौरान वह 524 टन कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन कम करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे 2619 पेड़ों के जितना लाभ होगा।

500 बसों को लेकर आज बैठक

नई दिल्ली (व.सं.)। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) भी अब 500 बसें खरीदने की तैयारी में है। शुक्रवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलौत की अध्यक्षता में डीटीसी बोर्ड की बैठक है। सूत्रों ने बताया कि बोर्ड में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। यह सभी बसें लो फ्लोर होंगी। इसमें सभी बसें वातानुकूलित होंगी या कुछ इसपर फैसला बोर्ड लेगा। 

दिल्ली मेट्रो के लाजपत नगर-मयूर विहार कॉरिडोर की शुरुआत 31 से

बताया जा रहा है कि सरकार 500 के बजाए एक हजार बस करने पर भी विचार कर रहा है। मगर इस पर भी अंतिम फैसला डीटीसी बोर्ड लेगा। सार्वजनिक परिवहन में बसों की कमी का मामला लगातार सामने आ रहा है। दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा बसें होनी चाहिए, लेकिन करीब 5500 बसें ही दिल्ली के पास हैं। राजधानी में 30 लाख से अधिक लोग रोजाना बसों में सफर करते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Delhi Govt started preparations for bring one thousand e-buses