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Delhi Meerut RRTS: दिल्ली सरकार ने रैपिड रेल परियोजना के लिए जारी किए 415 करोड़ रुपये, SC की फटकार के बाद ऐक्शन

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस हफ्ते की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने अलवर और पानीपत तक आरआरटीएस गलियारे के लिए धन नहीं देने को लेकर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी।

Delhi Meerut RRTS: दिल्ली सरकार ने रैपिड रेल परियोजना के लिए जारी किए 415 करोड़ रुपये, SC की फटकार के बाद ऐक्शन
Swati Kumariहिंदुस्तान,नई दिल्लीFri, 24 Nov 2023 08:37 PM
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दिल्ली सरकार ने ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’(आरआरटीएस) परियोजना के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को 415 करोड़ रुपये जारी किए हैं। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस हफ्ते की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने अलवर और पानीपत तक आरआरटीएस गलियारे के लिए धन नहीं देने को लेकर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी। न्यायालय ने चेतावनी दी थी कि यदि एक हफ्ते के अंदर बकाये का भुगतान नहीं किया गया, तो आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा विज्ञापनों के लिए आवंटित निधि को इस परियोजना के मद में हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

गहलोत ने कहा, ‘‘परिवहन विभाग ने आज 415 करोड़ रुपये का भुगतान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को किया है।’’सरकार ने निधि की पहली किस्त के रूप में करीब 80 करोड़ रुपये कुछ महीने पहले जारी किए थे। आरआरटीएस परियोजना के तहत दिल्ली को उत्तर प्रदेश में मेरठ, राजस्थान में अलवर और हरियाणा में पानीपत से जोड़ने के लिए ‘सेमी-हाई स्पीड’ रेल गलियारे का निर्माण किया जा रहा है।

शीर्ष न्यायालय ने पूर्व में दिल्ली सरकार की बजटीय विवशता को स्वीकार किया था, लेकिन उसे चेतावनी दी थी कि यदि इस तरह की राष्ट्रीय परियोजनाएं प्रभावित होती हैं और धन विज्ञापनों पर खर्च किया जाता है, तो यह (न्यायालय) उस निधि को इस परियोजना के लिए हस्तांतरित करने का निर्देश देने से नहीं हिचकेगा।एनएसीआरटीसी, आरआरटीएस परियोजना का कार्यान्वयन कर रहा है, जो केंद्र और शामिल राज्य के बीच एक संयुक्त उपक्रम है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कहा था, ''न्यायालय की टिप्पणी हर नागरिक के लिए चिंता का विषय है। यह दिखाता है कि केजरीवाल ने शराब के कारोबार में अपने दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए 144 करोड़ रुपये माफ कर दिए। वह हजारों करोड़ रुपये का शराब घोटाला कर सकते हैं, जनता के 50 करोड़ रुपये के धन का इस्तेमाल अपने सपनों का शीश महल बनाने में कर सकते हैं, जो एक घोटाला भी था।''

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