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बच्चों के अस्पताल में आग लगने के बाद ऐक्शन में दिल्ली सरकार, श्रम विभाग ने उठाए ये कदम

सर्कुलर में श्रम विभाग द्वारा सभी कार्यस्थलों पर पर्याप्त स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, कार्यस्थल पर कूलर/पंखों की उपलब्धता और हवा की उचित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।

बच्चों के अस्पताल में आग लगने के बाद ऐक्शन में दिल्ली सरकार, श्रम विभाग ने उठाए ये कदम
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Sourabh JainPTI,नई दिल्लीTue, 28 May 2024 07:56 PM
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दिल्ली के विवेक विहार के एक अस्पताल में आग लगने से छह नवजात शिशुओं की मौत के बाद सरकार ऐक्शन में आ गई है। इस घटना के बाद दिल्ली सरकार की श्रम विभाग ने फैक्ट्रियों, दुकानों और निर्माण स्थलों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उनके यहां आग बुझाने वाले उपकरण लगे हों, जो लगे हैं वो ठीक से काम कर रहे हों, साथ ही सीढ़ियों पर कोई बाधा भी नहीं हो। इसके अलावा इसमें कर्मचारियों को सीधे धूप में काम ना करने, उन्हें ट्रेनिंग देने, उन्हें बेसिक सुविधाएं देने समेत अन्य जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं।

लेबर डिपार्टमेंट की तरफ से 27 मई को जारी सर्कुलर में सभी जिला प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी प्रतिष्ठानों, कारखानों, दुकानों और निर्माण स्थलों पर लगे आग बुझाने वाले उपकरण जैसे अग्निशामक यंत्र, रेत की बाल्टी और फायर अलार्म काम करने की स्थिति में हों। साथ ही इसमें कहा गया है कि बिजली की आग से निपटने वाले अग्निशमन यंत्र और रेत की बाल्टियां सूखी रेत से भरी हों और आसानी से पहुंच वाले विशेष स्थानों पर रखी हों।

इसमें कहा गया है कि 'रसायन, सॉल्वेंट्स समेत अन्य ज्वलनशील वस्तुओं को एक अलग ठंडी जगह पर रखा जाना चाहिए और अधिकृत व्यक्तियों द्वारा ही संभाला जाना चाहिए। सीढ़ियां किसी भी बाधा से मुक्त होनी चाहिए।' इसमें राष्ट्रीय राजधानी में चल रही लू की स्थिति को देखते हुए आवश्यक विभिन्न उपायों का हवाला भी दिया गया है।

सर्कुलर में सभी प्रतिष्ठानों से कार्यस्थल पर पर्याप्त स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, कार्यस्थल पर कूलर/पंखों की उपलब्धता और हवा की उचित आवाजाही सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी को सूरज की रोशनी के सीधे संपर्क में काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, और जहां तक संभव हो काम की शिफ्ट में बदलाव की सलाह दी जाती है ताकि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचा जा सके।

साथ ही इसमें कर्मचारियों को लू की स्थिति के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक करना, उन्हें प्रशिक्षण देना, जिसमें सूर्य की रोशनी के सीधे संपर्क में आने के दौरान अपना सिर ढंकना आदि शामिल है, के बारे में भी बताया गया है। साथ ही इसमें निर्माण श्रमिकों/कर्मचारियों के लिए आपातकालीन किट (आइस पैक, ORS आदि) बनाने के बारे में भी बताया गया है।

सर्कुलर में कहा गया है कि जहां तक संभव हो बिजली के तारों/केबलों में कोई जोड़ नहीं होना चाहिए। सभी बिना करंट वाले मैटेलिक पार्ट्स और बिजली के उपकरणों या उपकरणों की मैटेलिक फ्रेम को ठीक से अर्थिंग दी जानी चाहिए।