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दिल्ली में ऑटोरिक्शा और टैक्सी का सफर हुआ और महंगा, देखें केजरीवाल सरकार ने कितना बढ़ा किराया

एक सरकारी बयान के अनुसार, दिल्ली सरकार ने ऑटो-रिक्शा के न्यूनतम किराये में 5 रुपये, एसी और गैर-एसी टैक्सी के लिए प्रति किलोमीटर शुल्क में 2 रुपये और 3 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

दिल्ली में ऑटोरिक्शा और टैक्सी का सफर हुआ और महंगा, देखें केजरीवाल सरकार ने कितना बढ़ा किराया
Praveen Sharmaनई दिल्ली | भाषाFri, 28 Oct 2022 07:45 PM

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राजधानी दिल्ली में ऑटोरिक्शा और टैक्सी का सफर अब और महंगा हो गया है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने सीएनजी की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर शुक्रवार को ऑटोरिक्शा और टैक्सी के किराये में वृद्धि को मंजूरी दे दी है।

सरकारी बयान के अनुसार, दिल्ली सरकार ने ऑटो-रिक्शा के न्यूनतम किराये में 5 रुपये, एसी और गैर-एसी टैक्सी के लिए प्रति किलोमीटर शुल्क में 2 रुपये और 3 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। 

संशोधित किराया ढांचे के मुताबिक, ऑटो-रिक्शा के लिए शुरुआती 1.5 किलोमीटर दूरी के लिए न्यूनतम किराया (मीटर डाउन चार्ज) 25 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये कर दिया गया है। इस सीमा के बाद प्रति किलोमीटर पर किराये को 9.50 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये कर दिया गया है।

बिना एयर कंडीशन (एसी) वाली टैक्सियों के लिए न्यूनतम किराये के बाद यात्रियों को अब प्रति किलोमीटर 17 रुपये देने होंगे। पहले यह शुल्क 14 रुपये प्रति किलोमीटर था।

वहीं, एसी टैक्सियों के लिए लोगों को न्यूनतम किराये के बाद 20 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से पैसे देने होंगे। पहले यह किराया 16 रुपये प्रति किलोमीटर था। हालांकि, ऑटो और टैक्सी के लिए नाइट चार्ज (रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक) में कोई वृद्धि नहीं की गई है और इसे पहले की तरह 25 प्रतिशत ही रखा गया है। 

ऑटो-रिक्शा के किराये में पिछला बदलाव वर्ष 2020 में हुआ था। वहीं, काली और पीली टैक्सी, इकोनॉमी टैक्सी और प्रीमियम टैक्सी के किराये में संशोधन नौ साल पहले वर्ष 2013 में हुआ था।

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को वाहन किराये में बढ़ोतरी के मुद्दे पर ऑटो-रिक्शा और टैक्सी संघों और यूनियनों से कई आवेदन मिले थे। इसके बाद किराये में वृद्धि को मंजूरी दी गई है।

बता दें कि, बार-बार सीएनजी के दाम बढ़ने के कारण दिल्ली सरकार ने जुलाई महीने में ही किराये में वृद्धि के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। सरकार ने अप्रैल में 13 सदस्यीय किराया संशोधन समिति बनाई थी। समिति ने तिपहिया वाहनों के लिए किराये में प्रति किलोमीटर एक रुपये की वृद्धि और टैक्सियों के किराये में 60 फीसद तक वृद्धि की सिफारिश की थी। 

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