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बच सकती थी कई बच्चों की जान, दिल्ली के 'बेबी केयर न्यू बॉर्न' अस्पताल की बड़ी चूक आई सामने

पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में बच्चों के 'बेबी केयर न्यू बॉर्न' अस्पताल में आग लगने से सात नवजातों की मौत के बाद राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे निजी अस्पतालों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बच सकती थी कई बच्चों की जान, दिल्ली के 'बेबी केयर न्यू बॉर्न' अस्पताल की बड़ी चूक आई सामने
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Krishna Singhहिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 26 May 2024 05:59 PM
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पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में बच्चों के 'बेबी केयर न्यू बॉर्न' अस्पताल में आग लगने से सात नवजातों की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि अस्पताल में आग शनिवार रात करीब 11:30 बजे आग लगी और जल्द दो अन्य इमारतों में फैल गई। दमकल टीम ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर अस्पताल से 12 नवजात का रेस्क्यू किया गया था। इनमें से छह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि एक की पहले ही मौत हो चुकी थी। पांच बच्चों का इलाज दूसरे अस्पताल में चल रहा है। 

मौके पर नहीं थे स्टाफ कर्मचारी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में शनिवार रात दो डॉक्टर, छह नर्स और एक सुरक्षाकर्मी की ड्यूटी लगाई गई थी। घटना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। लोगों ने बताया कि स्टाफ कर्मी समय रहते बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल सकते थे। अफरातफरी के चलते बच्चों को सुरक्षित निकालने में समय लग गया, जिससे सात नवजात की मौत हो गई।

मालिक डॉ. नवीन खीची गिरफ्तार
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली अग्निशमन विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने कहा कि संभावना है कि अस्पताल के पास फायर एनओसी नहीं था। देखभाल केंद्र का मालिक डॉ. नवीन खीची को गिरफ्तार कर लिया गया है।  

दोषियों को नहीं बख्शेंगे
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि बच्चों के अस्पताल में आग लगने की यह घटना दिल दहला देने वाली है। हम पीड़ितों के साथ खड़े हैं। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। इस लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। 

डॉ. नवीन खीची के खिलाफ इन धाराओं में केस
हादसे के बाद एफएसएल और क्राइम टीम ने सबूत जमा किए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, डॉ. नवीन खीची के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए, 436, 34, 336 और 304 ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अग्निशमन विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने यह भी कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडरों के कारण विस्फोट हुआ। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अस्पताल के भूतल पर ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफिलिंग का काम किया जा रहा था। मौके से दर्जनों ऑक्सीजन सिलेंडर बरामद किए हैं।