ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ NCRDelhi MCD Exit Poll: डीयू के सर्वे में आप का निगम पर कब्जा, BJP को नुकसान

Delhi MCD Exit Poll: डीयू के सर्वे में आप का निगम पर कब्जा, BJP को नुकसान

दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए वोटिंग कह्तं हो चुकी है। वहीं, सोमवार को नगर निगम चुनाव के एग्जिट पोल आने शुरू हो गए हैं।   

Delhi MCD Exit Poll: डीयू के सर्वे में आप का निगम पर कब्जा, BJP को नुकसान
Swati Kumariलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीMon, 05 Dec 2022 09:33 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

Delhi MCD Election Exit Poll: राजधानी दिल्ली में रविवार को हुए एमसीडी चुनाव के बाद आज एग्जिट पोल के नतीजे आने शुरू हो जाएंगे। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में किए गए दिल्ली नगर निगम चुनावों के एग्जिट पोल में दिल्ली नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी की जीत का अनुमान लगाता है।  

यह रुझान 28 नवंबर – 2 दिसंबर 2022 के दौरान दिल्ली के समस्त 250 निगम वार्डों के 14332 मतदाताओं के मत-व्यवहार पर किए गए अध्ययन पर आधारित है। इस चुनाव सर्वेक्षण में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं कॉलेजों के लगभग 500 विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने यह सर्वेक्षण किया। समस्त सर्वेक्षकों ने श्री अरुण कुमार के निर्देशन में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मध्यम से मत व्यवहार से संबंधित आँकड़ों का संकलन किया। केंद्र के निदेशक प्रो॰ सुनील के. चौधरी सर्वेक्षण के परिणामों को पश्चिम के ‘लोकतांत्रिक अस्थिरता’ के मुकाबले ने भारत के ‘लोकतांत्रिक उत्थान’ के रूप में वर्णित करते हैं। 

दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 सर्वेक्षण परिणाम 

राजनीतिक दल              अनुमानित सीट  मत प्रतिशत  
भारतीय जनता पार्टी           99                           38.4% 
काँग्रेस                             06                           11.1%  
आम आदमी पार्टी              140                        42.2% 
निर्दलीय/अन्य                   05                           8.3% 
कुल                                182                        100% 

केंद्र के अनुसार, चुनावी परिणाम का यह रुझान 28 नवंबर से दो दिसंबर 2022 के दौरान दिल्ली के सभी 250 वार्डों के 14,332 मतदाताओं के मत-व्यवहार पर किए गए अध्ययन पर आधारित है। वैश्विक अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित इस चुनावी सर्वेक्षण में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और कॉलेजों के लगभग 500 विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। सभी सर्वेक्षकों ने अरुण कुमार के निर्देशन में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया। केंद्र के निदेशक प्रो. सुनील के. चौधरी सर्वेक्षण के परिणामों को पश्चिम के ‘लोकतांत्रिक अस्थिरता’ के मुकाबले में भारत के ‘लोकतांत्रिक उत्थान’ के रूप में वर्णित करते हैं।