ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ NCRदिल्ली में घटेगी शराब के ठेकों की संख्या? आबकारी विभाग ने गुटबंदी के शक में रद्द किया शराब सप्लाई का टेंडर

दिल्ली में घटेगी शराब के ठेकों की संख्या? आबकारी विभाग ने गुटबंदी के शक में रद्द किया शराब सप्लाई का टेंडर

गौरतलब है कि, दिल्ली आबकारी विभाग द्वारा आबकारी नीति 2021-22 के तहत दिल्ली को 32 जोनों में विभाजित किया गया था, जिसमें 849 दुकानों के माध्यम से खुदरा शराब बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किए गए थे।

दिल्ली में घटेगी शराब के ठेकों की संख्या? आबकारी विभाग ने गुटबंदी के शक में रद्द किया शराब सप्लाई का टेंडर
Praveen Sharmaनई दिल्ली | पीटीआईThu, 28 Jul 2022 02:12 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने राजधानी में देशी शराब की आपूर्ति के लिए जारी एक टेंडर को गुटबंदी के शक में रद्द कर दिया है। हाल ही में उपराज्यपाल द्वारा आबकारी नीति की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है।

एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि विभाग ने 2022-23 में देशी शराब की आपूर्ति के लिए टेंडर रद्द कर दिया है, क्योंकि यह पाया गया कि बोली लगाने वाले संदिग्ध रूप से उच्चतम बोली कम रखने के लिए अपने संसाधनों को इकट्ठा कर रहे थे। 

इस बीच, इस बारे में अधिकारियों ने कहा कि लगभग तीन-चार कंपनियां जिन्हें भारत में निर्मित विदेशी शराब की खुदरा बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किया गया था, आने वाले दिनों में कई मुद्दों पर दुकान बंद कर सकती हैं, जिससे शहर में शराब दुकानों की संख्या घटकर लगभग 400 तक आ सकती है।

अधिकारी ने कहा कि शहर में देशी शराब की आपूर्ति के लिए ऊपर उल्लिखित निविदा को अप्रैल में भी रद्द कर दिया गया था, क्योंकि बोलीदाताओं ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई थी।

उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने पिछले सप्ताह आबकारी नीति 2021-22 के कार्यान्वयन में नियमों के कथित उल्लंघन और प्रक्रियात्मक खामियों की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। उन्होंने मुख्य सचिव को शराब की खुदरा बिक्री के लिए लाइसेंस के टेंडर में गुटबंदी के आरोपों पर रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है।

अधिकारियों ने कहा कि शराब की खुदरा बिक्री के लिए जोनल लाइसेंस दिए गए तीन और कंपनियां अगले कुछ दिनों में लाइसेंस सरेंडर कर सकती हैं।

गौरतलब है कि, आबकारी नीति 2021-22 के तहत दिल्ली को 32 जोनों में विभाजित किया गया था, जिसमें 849 दुकानों के माध्यम से खुदरा शराब बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किए गए थे। इस साल मई में 32 जोनों में से नौ के लाइसेंसधारियों ने वित्तीय गैर-व्यवहार्यता और गैर-पुष्टि वाले वार्डों में ठेके खोलने में समस्या सहित विभिन्न मुद्दों पर अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए थे। इससे दुकानों की संख्या लगभग 640 से घटकर 450 से अधिक हो गई थी। 

epaper