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Hindi News NCRलवली के 'पंच' से दिल्ली में जख्मी कांग्रेस को राहत, पूर्व मंत्री ने की घर वापसी

लवली के 'पंच' से दिल्ली में जख्मी कांग्रेस को राहत, पूर्व मंत्री ने की घर वापसी

शीला दीक्षित की नेतृत्व में कांग्रेस सरकार में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष और खाद्य आपूर्ति मंत्री रह चुके योगानंद शास्त्री शनिवार को फिर कांग्रेस में लौट आए हैं। वह 2020 में एनसीपी मेंचले गए थे।

लवली के 'पंच' से दिल्ली में जख्मी कांग्रेस को राहत, पूर्व मंत्री ने की घर वापसी
Subodh Mishraअक्षिता कुमारी,नई दिल्लीSat, 04 May 2024 06:58 PM
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कांग्रेस के लिए शनिवार का दिन जहां निराश करने वाला रहा, वहीं थोड़ी राहत लेकर भी आया। दरअसल, अरविंद सिंह लवली सहित पार्टी के पांच नेताओं के बीजेपी में शमिल होने से कांग्रेस को जो जख्म मिला, उसके एक पूर्व मंत्री ने पार्टी में शामिल होकर उन जख्मों पर मलहम लगाने का प्रयास किया।

शीला दीक्षित की नेतृत्व में कांग्रेस सरकार में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष और खाद्य आपूर्ति मंत्री रह चुके योगानंद शास्त्री शनिवार को फिर कांग्रेस में लौट आए। शास्त्री के पुनः कांग्रेस में शामल होने पर दिल्ली कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि योगानंद शास्त्री जी की बातें देश के हर युवा को प्रेरणा देती हैं। राजनीति में इनके जैसा व्यक्तित्व मिलना काफी मुश्किल है। कांग्रेस पार्टी को शास्त्री जी की उपस्थिति से काफी ताकत मिलेगी। मैं आपका कांग्रेस पार्टी में स्वागत करता हूं। वहीं, योगानंद शास्त्री ने कहा कि मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मैं आज कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं। मैं दीपक बाबरिया जी का आभारी हूं, जिन्होंने मुझे कांग्रेस पार्टी से जुड़ने का आग्रह किया। 

वयोवृद्ध कांग्रेस नेता और दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष योगानंद शास्त्री दिल्ली कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। शास्त्री ने शीला दीक्षित के डेढ़ दशक के शासनकाल के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और दो बार मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र और एक बार महरौली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। कांग्रेस में शामिल होने के बाद पूर्व एनसीपी नेता योगानंद शास्त्री ने कहा, 'कोई खास वजह नहीं है। मैं ज्यादा दूर नहीं गया था, पास में ही बैठा था और जिस पार्टी में गया था उसकी विचारधारा कांग्रेस से मिलती जुलती है। हो सकता है कल बाकी पार्टियां भी साथ आ जाएं क्योंकि इस समय देश को ऐसे लोगों की जरूरत है जो लोकतंत्र और संविधान को बचा सकें। सभी को मिलकर काम करना चाहिए और यही कांग्रेस की भावना है और यही एनसीपी की भावना है।' कांग्रेस नेता दीपक बाबरिया ने भी कहा, 'मुझे विश्वास है कि योगानंद शास्त्री की उपस्थिति से पार्टी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। वह युवाओं को प्रोत्साहित करने में माहिर हैं और (क्षेत्र में) उनके पास एक मूल्य प्रणाली और सद्भावना है। वह कई वर्षों से दिल्ली में काम कर रहे हैं और हर कोई उन्हें पहचानता है।'

बता दें कि योगानंद शास्त्री ने 2020 में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। वह जाट समुदाय से आते हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में योगानंद शास्त्री महरौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। इससे नाराज होकर उन्होंने पार्टी से किनारा कर लिया था और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे।