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Hindi News NCRपटाखों पर पूरी तरह हो बैन, CNG-इलेक्ट्रिक वाहनों को ही दी जाए मंजूरी, केंद्र को दिल्ली सरकार का पत्र

पटाखों पर पूरी तरह हो बैन, CNG-इलेक्ट्रिक वाहनों को ही दी जाए मंजूरी, केंद्र को दिल्ली सरकार का पत्र

दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर एनसीआर में केवल CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही परिवहन की अनुमति देने को कहा है। साथ ही पटाखों पर टोटली बैन लगाने की मांग की है।

पटाखों पर पूरी तरह हो बैन, CNG-इलेक्ट्रिक वाहनों को ही दी जाए मंजूरी, केंद्र को दिल्ली सरकार का पत्र
Krishna Singhभाषा,नई दिल्लीTue, 17 Oct 2023 04:33 PM
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दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को मांग की कि केंद्र सरकार वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की आवाजाही को ही अनुमति प्रदान करे। गोपाल राय ने केंद्र सरकार में अपने समकक्ष भूपेन्द्र यादव को लिखे पत्र में कहा कि दिल्ली सरकार ने सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं लेकिन ये कदम तब तक प्रभावी नहीं होंगे जब तक हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के स्रोतों से नहीं निपटते।

गोपाल राय ने पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था 'सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट' की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 31 फीसदी प्रदूषण राष्ट्रीय राजधानी के स्रोतों से होता है, जबकि 69 फीसदी एनसीआर में आने वाले राज्यों के स्रोतों से होता है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कारकों से निपटने पर चर्चा के लिए आपात बैठक बुलाए।

दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आने वाले राज्यों को पूरे क्षेत्र में पटाखों और पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए और केवल सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन की अनुमति देनी चाहिए। एनसीआर के तहत आने वाले राज्यों में अब भी कई औद्योगिक इकाइयों प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन का इस्तेमाल हो रहा है। 

दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि इन्हें तुरंत पाइप्ड प्राकृतिक गैस में परिवर्तित किया जाना चाहिए। एनसीआर राज्यों में संचालित भारी प्रदूषण फैलाने वाले ईंट भट्टों को प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जिग-जैग तकनीक अपनाने के लिए कहा जाना चाहिए। डीजल जनरेटर पर निर्भरता कम करते हुए एनसीआर राज्यों में सभी हाउसिंग सोसायटियों में बिजली सुनिश्चित की जानी चाहिए। संबंधित राज्य सरकारों को गैर-नियत वाहनों (बिना सीएनजी) को पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर उनके मूल बिंदु से डायवर्ट करने के लिए कहा जाना चाहिए।