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खुले में शौच को मजबूर, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में क्या समस्याएं, किन मुद्दों पर वोट करेंगे लोग?

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली लोगों का कहना है कि इस बार निर्वाचन क्षेत्र में कई बड़े मुद्दे हैं जो उम्मीदवारों के सामने हैं। इन्हीं स्थानीय मुद्दों के आधार पर मतदान का फैसला होगा। पढ़ें उत्तर-पश्चिमी दिल्ली क

खुले में शौच को मजबूर, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में क्या समस्याएं, किन मुद्दों पर वोट करेंगे लोग?
Krishna Singhभाषा,नई दिल्लीWed, 15 May 2024 08:59 PM
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उत्तर-पश्चिमी दिल्ली लोग आज भी बिजली, पानी और सार्वजनिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस बार उत्तर-पश्चिमी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में पानी, बिजली साफ-सफाई, अच्छी सड़कें और कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बड़े मुद्दे हैं। इन्हीं स्थानीय मुद्दों के आधार पर लोग मुहर लगाएंगे। बता दें कि इस निर्वाचन क्षेत्र में नरेला, बादली, रिठाला, बवाना, मुंडका, किराड़ी, सुल्तानपुर माजरा, नांगलोई, मंगोलपुरी और रोहिणी विधानसभा क्षेत्र आते हैं।

बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी
परिसीमन के बाद 2008 में अस्तित्व में आए इस निर्वाचन क्षेत्र में 25,67,423 मतदाता हैं। यह आरक्षित सीट है। निर्वाचन क्षेत्र में कई ग्रामीण इलाके हैं जहां स्थानीय लोग डेयरी के साथ-साथ पारंपरिक खेती पर निर्भर हैं। प्रवासी आबादी में ज्यादातर रिक्शा चालक और औद्योगिक श्रमिक शामिल हैं। प्रवासी मजदूरों को रोजगार के अवसरों के साथ ही पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी कमी का सामना करना पड़ता है। आवासीय सोसायटी में रहने वाले लोग अपराध की घटनाओं के बारे में शिकायत करते हैं। 

अपराध का बोलबाला
रिठाला के निवासी मनोहर सिंह ने कहा- 2019 के चुनाव के बाद, हमारे सांसद हंस राज हंस को शायद ही यहां देखा गया। संसद में उनकी उपस्थिति अच्छी थी, लेकिन मुझे नहीं पता कि जरूरत पड़ने पर उन्होंने हमारी समस्याओं को सुनने के लिए कोई दौरा क्यों नहीं किया। रोहिणी के बाशिंदे प्रदीप भटनागर ने कहा कि सड़कें चौड़ी नहीं हैं और व्यस्त समय के दौरान यातायात एक बड़ा मुद्दा है। स्ट्रीट लाइट के काम नहीं करने के कारण इलाके में मोबाइल फोन और आभूषणों की छिनैती चिंता का विषय है।

सबसे ज्यादा आपराधिक घटनाएं
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली राजधानी के उन क्षेत्रों में से एक है, जहां सबसे ज्यादा आपराधिक घटनाएं होती हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा- हम अवैध शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखते हैं। पुलिस अधिकारियों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। लोगों का यह भी कहना है कि सफाई सुविधाओं की कमी लोगों के जीवन को जोखिम में डालती है। खासकर यह महिलाओं के लिए खतरा पैदा करती है। 

खुले में शौच को मजबूर हैं लोग
बादली गांव के निवासी किशोर नाथ ने कहा- यहां बहुत कम सार्वजनिक शौचालय हैं और उनमें से ज्यादातर की हालत बहुत खराब है। कई जगहों पर लोग खुले में शौच करते हैं। नेताओं को आम आदमी से जुड़े ऐसे मुद्दों के समाधान के बारे में सोचना चाहिए। वहीं रोहिणी निवासी नूपुर जैन ने कहा- सड़कें ठीक नहीं हैं। चेन, मोबाइल फोन झपटमारी की घटनाएं आम हैं। साफ पानी की आपूर्ति यहां मुख्य मुद्दा है। कई बार जिस पानी की आपूर्ति होती है वह इस्तेमाल योग्य नहीं होता। घर पर आरओ लगाना मजबूरी है। 

प्रवासी मजदूरों की बड़ी आबादी
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार के प्रवासी मजदूरों की भी अच्छी खासी संख्या है क्योंकि यहां दो औद्योगिक क्षेत्र नरेला और बवाना हैं जिनमें सैकड़ों कारखाने हैं। उद्योगपति जग जीवन ने कहा कि बवाना और नरेला में 16,000 से अधिक छोटे और बड़े उद्योग हैं, लेकिन राजमार्ग से कोई उचित कनेक्टिविटी नहीं है और ट्रकों को गांवों की छोटी गलियों से गुजरना पड़ता है। यहां कोई डिस्पेंसरी भी नहीं है जहां हम किसी आपात स्थिति में श्रमिक को ले जा सकें। 

अस्पताल भी नहीं 
उद्योगपति जग जीवन ने कहा- निकटतम अस्पताल रोहिणी में है जो 15 किमी दूर है और वहां पहुंचने के लिए भारी यातायात का सामना करना पड़ता है। एक फैक्टरी में काम करने वाले मुकुंद का दावा है कि इलाके में अपराधी सक्रिय हैं। वे मोबाइल फोन और पैसे छीन लेते हैं। कोई जब उनका विरोध करने की कोशिश करता है तो वे चाकू या अन्य हथियारों से डराते हैं।

क्या कहते हैं कांग्रेस उम्मीदवार?
उम्मीदवार भी इन समस्याओं के समाधान की बात कह रहे हैं। कांग्रेस उम्मीदवार उदित राज मुंडका, किराड़ी और नरेला जैसे इलाकों में भीड़भाड़ की समस्या स्वीकार करते हैं, जहां रेलवे क्रॉसिंग हैं। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में ओवरब्रिज और नरेला तक मेट्रो लाइन उनकी प्राथमिकता होगी। जब मैं सांसद था, मैंने संसद में मुद्दा उठाया था कि मेट्रो लाइन को बवाना और कुतुबगढ़ तक बढ़ाया जाना चाहिए। हमें इसे आगे बढ़ाने की जरूरत है। जल निकासी व्यवस्था और सड़कों की मरम्मत भी मेरी प्राथमिकताएं हैं।

क्या करेंगे भाजपा उम्मीदवार?
कांग्रेस उम्मीदवार ने यह भी कहा कि बवाना, बादली और मुंडका में कई औद्योगिक क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली और उचित माहौल उपलब्ध कराना भी मेरी प्राथमिकता होगी। वहीं भाजपा के उम्मीदवार योगेन्द्र चंदोलिया ने कहा- बवाना में लगाए गए टोल टैक्स को समाप्त करना, एक औद्योगिक केंद्र स्थापित करना, गांवों में जलाशयों का कायाकल्प करना, किराड़ी में रेलवे गेट, किराड़ी, मुंडका और बेगमपुर, में जलभराव के मुद्दों का समाधान करना और घेवरा के पास खेल विश्वविद्यालय को पूरा कराने पर होगा।