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यात्रियों के लिए कितनी सेफ हैं ई-बसें? DIMTS ने मांगी ऑडिट रिपोर्ट; 14,000 KM चली बस में लगी थी आग

दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रही इलेक्ट्रॉनिक बसें यात्रियों के लिए कितनी सेफ हैं, इसका पत ऑडिट रिपोर्ट से चल जाएगा। दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांजिट सिस्टम ने बसों की रिपोर्ट मांगी है।

यात्रियों के लिए कितनी सेफ हैं ई-बसें? DIMTS ने मांगी ऑडिट रिपोर्ट; 14,000 KM चली बस में लगी थी आग
Sneha Baluniराजीव शर्मा,नई दिल्लीSat, 25 May 2024 06:50 AM
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डीटीसी के बेड़े में बीते साल शामिल हुई इलेक्ट्रिक बस में आग लगने की घटना के बाद अब इस खेप में आई सभी 300 बसों का ऑडिट होगा। इनके संचालन की निगरानी का जिम्मा संभाल रही संस्था दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) ने बसों की आपूर्ति और संचालन कर रहे ऑपरेटर को आदेश जारी कर ऑडिट कराने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

दरअसल, बीते साल दिल्ली की सड़कों पर उतारी गई इन इलेक्ट्रिक बसों को सुरक्षित बताया गया था। अभी इनका संचालन शुरू हुए एक साल भी पूरा नहीं हुआ और इसमें आग लगने की घटना से इनकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। दिल्ली में अभी तापमान और ऊपर जाएगा, ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा और बसों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए डिम्ट्स के अधिकारियों ने सभी बसों का ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया में बसों में लगी लीथियम बैटरी, वायरिंग, मोटर समेत करीब 20 से ज्यादा मानकों पर इनका परीक्षण किया जाएगा।

बसों का संचालन करने वाली फर्म ऑडिट रिपोर्ट को डिम्ट्स के अधिकारियों के पास भेजेगी। रिपोर्ट के आधार पर अधिकारी इन बसों के संचालन को सुचारू रखने या बदलाव किए जाने के संबंध में निर्णय लेंगे। डिम्ट्स के अधिकारियों का कहना है कि बसों को बनाने वाली कंपनी की ओर से इनकी आपूर्ति के समय ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी कि इन बसों में सभी मानक पूरे हैं। ऐसे में ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद पुरानी रिपोर्ट से तुलना भी की जाएगी।

अब तक 1300 इलेक्ट्रिक बसें डीटीसी के बेड़े में शामिल हो चुकी हैं। जल्दी ही 1540 बसें दिल्ली को और मिलने वाली हैं। इनमें से तकरीबन 500 बस वही कंपनी सप्लाई करेगी जिसने उस बस को दिया था जिसमें आग लगी थी। ऐसे में अब बस की आपूर्ति लेते समय परिवहन विभाग खास एहतियात बरतेगा और मानकों पर बारीकी से इन बसों को परखा जाएगा।

14 हजार किमी चली बस में लगी थी आग

19 मई को जिस ई-बस में आग लगी और वह मिनटों में जलकर राख हो गई, वह महज 14 हजार किलोमीटर चली थी। यानी बस का संचालन शुरू हुए ज्यादा समय नहीं बीता था। प्राथमिक जांच में पता चला है कि बैटरियों में कोई दिक्कत नहीं थी, बस की मोटर के पास से पहले धुआं उठा था और इसके बाद उसमें आग लग गई। अधिकारियों का कहना है कि बैटरियां बस की छत में लगी होती है, लेकिन धुआं वहां से नहीं निकला था। माना जा रहा है कि मोटर के पास लगी तारों के गर्म हो जाने से पहले इंसुलेटर जले और बस के अंदर आग पहुंच गई।