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पहली बार लुटियन दिल्ली के बाहर बिखरी ट्यूलिप की शोभा, एलजी की पहल पर सजे पार्क

ट्यूलिप के फूलों की शोभा पहली बार लुटियन दिल्ली के बाहर भी बिखरी है। डीडीए के पार्कों में लगभग एक लाख ट्यूलिप की पौध लगाई गई थी, जिसमें से फूल आने लगे हैं। लोगों के लिए ये सेल्फी प्वाइंट बन गए हैं।

पहली बार लुटियन दिल्ली के बाहर बिखरी ट्यूलिप की शोभा, एलजी की पहल पर सजे पार्क
Krishna Singhपीटीआई,नई दिल्लीTue, 20 Feb 2024 12:41 AM
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ट्यूलिप के फूलों की शोभा पहली बार लुटियन दिल्ली के बाहर भी बिखरी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने पहली बार राष्ट्रीय राजधानी के अपने पार्कों में एक लाख ट्यूलिप लगाए हैं। इन पौधों में अब फूल आने लगे हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। नई दिल्ली क्षेत्र में पिछले लगभग छह वर्षों से ट्यूलिप के फूलों को लगाया जाता रहा है। एनडीएमसी की ओर से इसे लेकर ट्यूलिप महोत्सव का भी आयोजन होता रहा है। 

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार एनडीएमसी के बाहर की दिल्ली ट्यूलिप से सजी है। डीडीए ने शहर भर के अपने विभिन्न पार्कों में एक लाख ट्यूलिप लगाए हैं, जो लुटियन दिल्ली में एनडीएमसी द्वारा लगाए गए विभिन्न रंगों के चार लाख से अधिक ट्यूलिप पौधों के अतिरिक्त हैं। जारी बयान के मुताबिक, उप राज्यपाल वीके सक्सेना की पहल पर लुटियन दिल्ली के बाहर ट्यूलिप की पौध लगाई गई है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने राष्ट्रीय राजधानी को 'फूलों का शहर' बनाने का वादा किया था। 

एलजी वीके सक्सेना एनडीएमसी क्षेत्र से परे सौंदर्यीकरण पर लगातार जोर दे रहे हैं। पिछले साल 26 दिसंबर को विभिन्न नगर निकायों के बागवानी विभागों की एक बैठक में उपराज्यपाल ने निर्देश दिया था कि एमसीडी, डीडीए आदि के अधिकार क्षेत्र के तहत अन्य क्षेत्रों में ट्यूलिप और अन्य सजावटी फूल लगाए जाएं। इस पहल के तहत डीडीए के रोहिणी, द्वारका, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, करमपुरा-रोहतक रोड, शालीमार बाग, महरौली, ग्रेटर कैलाश, वसंत विहार जैसे क्षेत्रों में डीडीए के पार्क में भी ट्यूलिप के फूल खिल गए हैं। 

बयान में कहा गया है कि बांसेरा में, जिसने हाल ही में पतंग उत्सव की मेजबानी की थी, डीडीए ने असिता, महरौली पुरातत्व पार्क और रोहिणी सेक्टर-10 में स्वर्ण जयंती पार्क में 9,000 ट्यूलिप के अलावा 40,000 ट्यूलिप लगाए हैं। शहर को ट्यूलिप से सजाने के लिए एलजी ने पौधों को विदेशों से खरीदने के बजाय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के स्थानीय उत्पादकों से खरीदने पर भी जोर दिया है। एनडीएमसी ने लोधी गार्डन में अपना पहला ट्यूलिप प्रसार चैंबर स्थापित किया है, जहां ट्यूलिप बल्बों को संरक्षित किया जाता है। 

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