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हिंदी न्यूज़ NCRदिल्ली में दुबई का गैंग! Amazon में नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठे, 4 गिरफ्तार; सरगना की तलाश

दिल्ली में दुबई का गैंग! Amazon में नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठे, 4 गिरफ्तार; सरगना की तलाश

हमने उनके बैंक अकाउंट की जांच की है और साढ़े तीन करोड़ रुपये फंड ट्रांसफर का पता चला है। धोखे से लिये गये पैसे अभी और भी ज्यादा हो सकते हैं। पुलिस को अंदेशा है कि पड़ोसी देशों के कुछ अन्य आरोपी हैं।

दिल्ली में दुबई का गैंग! Amazon में नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठे, 4 गिरफ्तार; सरगना की तलाश
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 06 Dec 2022 07:57 AM

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दिल्ली पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर अंतरराष्ट्रीय जॉब स्कैम सिंडिकेट का खुलासा किया है। आरोप है कि Amazon web services में जॉब दिलाने के नाम पर पूरे देश में पिछले 5 महीने में इन लोगों ने 100 से ज्यादा लोगों को चूना लगाया है। इस गैंग ने 3-5 करोड़ रुपये भी ऐंठ लिए। पुलिस ने कहा कि इस गैंग का मास्टरमाइंड दुबई से गैंग चलाता है और गैंग के सदस्य फिलीपिंस से अंतरराष्ट्रीय नंबर का इस्तेमाल कर लोगों को Amazon web services में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। 

आरोपियों ने एक फर्जी वेबसाइट बनाई थी और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के पास वो इसका लिंक भेज देते थे। इस वेबसाइट पर अप्लाई करने वाले कुछ लोगों को हायर किया जाता था और उन्हें फर्जी टास्क दिये जाते थे। बाद में आरोपियों ने पीड़ितों को एक वर्चुअल वॉलेट बनाने के लिए कहा और यह भी कहा कि वो अपने पैसे उसमें रखें। 

डीसीपी (नॉर्थ), सागर सिंह काल्सी ने कहा, 'हमने गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। किंगपिन दुबई में है। हमने उनके बैंक अकाउंट की जांच की है और साढ़े तीन करोड़ रुपये फंड ट्रांसफर का पता चला है। धोखे से लिये गये पैसे अभी और भी ज्यादा हो सकते हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस मामले में पड़ोसी देशों के कुछ अन्य आरोपी भी शामिल हो सकते हैं। 

पुलिस के मुताबिक, 20 साल की एक महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से फोन आया था। आरोपी ने खुद को Amazon का एग्जीक्यूटिव बताया था और उन्हें नौकरी का लालच दिया था। इसके बाद उनसे धोखे से 3.15 लाख रुपये लिये गये थे।

डीसीपी ने बताया कि धोखे से लिये गये पैसे विभिन्न शहरों के अलग-अलग बैंक खातों में डाले गये। इस मामले में विस्तृत जांच-पड़ताल की गई और एक संदिग्ध 34 साल के प्रदीप कुमार को पकड़ा गया। वो अपने सहयोगियों को अमित केडिया और सचिन गुप्ता को बैंक खाते बेचा करता था। 

केडिया और गुप्ता ने कहा कि वो अशोक विहार में कॉल सेंटर चलाते हैं। पुलिस ने इस कॉल सेंटर से रोहित जैन नाम के एक युवक को पकड़ा। जैन ने खुलासा किया कि उसने और उसके पार्टनर ने जून-जुलाई में दुबई में इस गैंग के सरगना से मुलाकात की थी। उसने कुछ सॉफ्टवेयर डेवलर्स को साथ लेकर अमेजॉन का फर्जी वेबसाइट तैयार किया था।