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दिल्ली में 'डिजिटल नजरबंदी' के मामले बढ़े, साइबर पुलिस ने किया आगाह, क्या कहते हैं आंकड़े?

Delhi Crime: दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में हर महीने साइबर क्रिमिनल 'घर में डिजिटल नजरबंदी' का 200 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। इससे गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

दिल्ली में 'डिजिटल नजरबंदी' के मामले बढ़े, साइबर पुलिस ने किया आगाह, क्या कहते हैं आंकड़े?
Krishna Singhभाषा,नई दिल्लीSat, 02 Mar 2024 12:29 AM
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साइबर क्रिमिनल अब 'घर में डिजिटल नजरबंदी' का नया तरीका अपना रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हर महीने 200 से अधिक ऐसे मामले दर्ज किए हैं। इससे दिल्ली पुलिस के लिए गंभीर चिंता पैदा हो गई है। अधिकारियों ने लोगों को साइबर अपराधियों के ऐसे हथकंडों से सावधान रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 'घर में डिजिटल नजरबंदी' में साइबर ठग खुद को कानून लागू करने वाला अधिकारी बताकर लोगों को यह विश्वास दिलाकर ठगते हैं कि उनके बैंक खाते, सिमकार्ड, आधार कार्ड या उनके बैंक से जुड़े अन्य कार्ड का गैरकानूनी ढंग से इस्तेमाल किया गया है। साइबर ठग शिकार को उसके घर से बाहर निकलने से रोक देते हैं और उन्हें उसे पैसे का भुगतान करने के लिए मजबूर करते हैं।

दिल्ली पुलिस के 'इंटेलीजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशंस' यूनिट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि घर में डिजिटल नजरबंदी आजकल एक बड़ी चिंता की बात हो गई है। हालांकि, हमारी विशेष इकाई केवल उन मामलों की जांच करती है, जहां ठगी गई रकम 50 लाख रुपये से अधिक है।

अधिकारी ने कहा कि ऐसे साइबर ठग प्रौद्योगिकी के मामले में काफी कुशल होते हैं और उन्हें पता होता है कि शिकार को कैसे अपनी बातों में फंसाकर उसकी मेहनत की कमाई वसूल लें। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में साइबर अपराध के मामले 2022 में करीब दो गुणा हो गए। उसके अनुसार, ऐसे अपराध की संख्या 2021 में 345 थी, जो 2022 में बढ़कर 685 हो गई।

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