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अमानतुल्लाह की अग्रिम जमानत की मांग का ED ने किया विरोध, फैसला सुरक्षित, क्या दी दलीलें?

दिल्ली वक्फ बोर्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। ईडी ने याचिका का विरोध किया।

अमानतुल्लाह की अग्रिम जमानत की मांग का ED ने किया विरोध, फैसला सुरक्षित, क्या दी दलीलें?
Krishna Singhपीटीआई,नई दिल्लीSat, 24 Feb 2024 09:02 PM
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दिल्ली की एक अदालत 1 मार्च को AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के आवेदन पर अपना आदेश सुनाएगी जो दिल्ली वक्फ बोर्ड में अपने कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की भर्ती और संपत्तियों को पट्टे पर देने में कथित अनियमितताओं से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अग्रिम जमानत की मांग कर रहे हैं। विशेष न्यायाधीश राकेश सयाल ने आवेदन पर खान और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। याचिका में कहा गया है कि विधायक को मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए जाने की आशंका है।

ईडी ने बहस के दौरान अमानतुल्लाह खान के आवेदन का विरोध किया और दावा किया कि यदि उनको गिरफ्तारी से पहले जमानत दी गई तो वह जांच में सहयोग नहीं करेंगे। ईडी ने हाल ही में दायर आरोप पत्र में अमानतुल्लाह खान को आरोपी के रूप में नामित नहीं किया था। एजेंसी ने अपनी अभियोजन शिकायत में पांच को नामित किया है। ईडी के आरोप पत्र में अमानतुल्लाह खान के तीन संदिग्ध सहयोगी - जीशान हैदर, दाउद नासिर और जावेद इमाम सिद्दीकी भी शामिल हैं।

अक्टूबर में अमानतुल्लाह खान एवं कुछ अन्य लोगों से जुड़े परिसरों पर छापेमारी के बाद ईडी ने दावा किया था कि आप विधायक ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में कर्मचारियों की अवैध भर्ती से कैश के रूप में भारी कमाई की और उसे उसके साथियों के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने में निवेश किया। ईडी ने कहा कि 2018-2022 के दौरान वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को गलत तरीके से पट्टे पर देने और कर्मचारियों की अवैध भर्ती के मामले में छापेमारी भी की जा चुकी है। 

मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला सीबीआई की एफआईआर और दिल्ली पुलिस की तीन शिकायतों से उपजा है। ईडी का आरोप है कि अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) ने उक्त आपराधिक गतिविधियों से बड़ी रकम कैश में ली। इस रकम को उनके सहयोगियों के नाम पर दिल्ली में विभिन्न अचल संपत्तियों की खरीद में निवेश किया गया था। छापे के दौरान कई सुबूत के रूप में कई सामग्री जब्त की गई, जो मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में खान की संलिप्तता का संकेत देती है।

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