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सत्येंद्र जैन को विशेष सुविधा प्रदान कर रहे थे तिहाड़ के अधिकारी, कोर्ट ने बताया नियमों के खिलाफ

दिल्ली की एक विशेष अदालत ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की तिहाड़ जेल में धार्मिक आस्था के लिहाज से उन्हें खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जेल के अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग को

सत्येंद्र जैन को विशेष सुविधा प्रदान कर रहे थे तिहाड़ के अधिकारी, कोर्ट ने बताया नियमों के खिलाफ
Krishna Singhएजेंसियां,नई दिल्लीSat, 26 Nov 2022 09:35 PM

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दिल्ली की एक विशेष अदालत ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की तिहाड़ जेल में धार्मिक आस्था के लिहाज से उन्हें खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जेल के अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका शनिवार को खारिज कर दी। इसके साथ ही अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन पर भी कठोर टिप्पणियां की। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक अदालत ने अपना आदेश पारित करने के दौरान कहा कि प्रथम दृश्टया जेल के रिकॉर्ड दिखाते हैं कि जेल के अधिकारी, डीपीआर 2018 का उल्लंघन करते हुए, दिल्ली सरकार के मंत्री होने के नाते सत्येंद्र जैन को फल और सब्जियां मुहैया कराकर विशेष सुविधा प्रदान कर रहे थे। 

एएनआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सत्येंद्र जैन के यह दावा करने पर कि तिहाड़ जेल में उनका 28 किलो वजन कम हो गया है, विशेष न्यायाधीश विकास ढुल (Special Judge Vikas Dhull) ने शनिवार को कहा कि जैन का वजन कम होना उनके नियमित भोजन नहीं करने के कारण है। इसके लिए तिहाड़ जेल प्रशासन जिम्मेदार नहीं है। अदालत ने कहा कि डीजी (जेल) और अधीक्षक, तिहाड़ जेल को सत्येंद्र कुमार जैन को फल, सब्जियां और सूखे मेवे उपलब्ध कराने का निर्देश देने का कोई आधार नहीं बनता है। इसलिए सत्येंद्र जैन की अर्जी खारिज की जाती है।

वहीं समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया पता चलता है कि सत्येंद्र जैन को नियमों का उल्लंघन करके  तिहाड़ जेल में 'विशेष सुविधा' दी जा रही थी। हालांकि अब इसे रोक दिया गया है। अदालत ने कहा कि दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को जेल कर्मचारियों की ओर से डीजी जेल या किसी प्राधिकरण के आदेश के बिना ही फल और सब्जियां प्रदान की जा रही थीं। यह नियमों का उल्लंघन था। आवेदक को फल और सब्जियां प्रदान करना संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन था। कानूनन प्रशासन सभी कैदियों के साथ एक समान व्यवहार करने के लिए बाध्य है। कैदियों में जाति, पंथ, लिंग, धर्म, स्थिति आदि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है।

विशेष न्यायाधीश विकास ढुल ने यह भी कहा कि मैं यह देखना चाहूंगा कि जब सत्येंद्र जैन को उनके धर्म के अनुसार धार्मिक उपवास करने की इच्छा होगी तो वह जेल प्रशासन को इसके बारे में लिखित रूप से सूचित करेंगे। इसके बाद डीपीआर 2018 के नियमों के मुताबिक आवेदन पर जेल प्रशासन फैसला लेगा। यदि जेल प्रशासन की ओर से धार्मिक उपवास रखने की अनुमति दी जाती है तो उसे नियमों के तहत खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। मालूम हो कि जैन के वकील ने याचिका में कहा था कि उनके मुवक्किल को फल, सब्जियां और मेवे दिये जा रहे थे  जिसे जेल प्रशासन ने बंद कर दिया है। 

वहीं तिहाड़ जेल के वकील ने कहा कि यदि चिकित्सा अधिकारी द्वारा एक निश्चित अवधि के लिए सूखे मेवों को पूरक के रूप में रिकमेंड किया जाता है तो सीमित समय के लिए इसकी अनुमति दी जा सकती है। हमारा प्रशासन बिना किसी भेदभाव के सभी कैदियों को संतुलन और पोषण प्रदान करता है। जैन की याचिका में कहा गया है कि चूंकि वह मंत्री हैं और धार्मिक उपवास पर हैं, इसलिए दिल्ली जेल नियम-2018 के 1124 के साथ पढ़े जाने वाले नियम 339 और 341 के अनुसार वह धार्मिक उपवास के दौरान विशेष आहार के हकदार हैं। इस आहार को रोका नहीं जा सकता है।