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केजरीवाल को राहत दी जाए या नहीं, आपका कोई लेना देना नहीं, ED से ऐसा क्यों बोला कोर्ट

केजरीवाल ने कोर्ट में जो आवेदन दायर किए हैं उसमें उन्होंने मांग की है कि मेडिकल जांच के दौरान उनकी पत्नी सुनीता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहें।

केजरीवाल को राहत दी जाए या नहीं, आपका कोई लेना देना नहीं, ED से ऐसा क्यों बोला कोर्ट
Aditi Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 14 Jun 2024 01:15 PM
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दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार को  कहा है कि कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से जेल में अपने चेकअप को लेकर दाखिल की गई याचिका से ईडी को कोई लेना देना नहीं है। वेकेशन जज मुकेश कुमार ने तिहाड़ जेल के जेल अधीक्षक से केजरीवाल के उस आवेदन पर जवाब देने को कहा, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मेडिकल चेकअप में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की थी।  सीएम ने यह भी अनुरोध किया है कि उन्हें मेडिकल बोर्ड को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में इनपुट देने की अनुमति दी जाए।

ईडी के वकील जोहेब हुसैन ने अदालत को बताया कि एजेंसी को सीएम के आवेदन का जवाब देने के लिए कुछ समय चाहिए। तब अदालत ने कहा, आरोपी न्यायिक हिरासत में है, ईडी (हिरासत) में नहीं। अगर वह कोई राहत चाहता है, तो इसमें आपकी कोई रोल नहीं है। कोर्ट ने कहा,  केजरीवाल के चेकअप के मामले में हम जेल से जवाब मांग लेंगे लेकिन इसमें आपका कोई रोल नहीं है। ईडी ने पर दलील दी कि इससे पहले केजरीवाल की जेल के अंदर दी जाने वाली डाइट का मुद्दा भी उठा था। इसके बाग मेडिकल बोर्ड का गठन करना पड़ा था।

ईडी ने कहा कि अगर हमें भी छोटा उत्तर दाखिल करने की अनुमति दी गई तो आसमान नहीं गिर जाएगा। धारा 45 पीएमएलए के प्रावधानों के कारण हम इसमें एक बहुत जरूरी पार्टी हैं। हालांकि इन सब दलीलों के बावजूद कोर्ट ने एंजेंसी को जवाब दाखिल करने की अनुमति नहीं दी। कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 19 जून को करेगा। 

क्या हैं केजरीवाल के आवेदन?

बता दें, केजरीवाल ने कोर्ट में दो आवेदन दायर किए हैं जिसमें उन्होंने मांग की है कि मेडिकल जांच के दौरान उनकी पत्नी सुनीता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहें। औऱ दूसरा आवेदन यह कि मेडिकल बोर्ड जब भी बैठे तो उन्हें भी अपने इनपुट देने की अनुमति दी जाए। 

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