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आपके LG बनने के बाद काम रोकने लगे अधिकारी, केजरीवाल का उपराज्यपाल को जवाब

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना के खुले पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि जब से आप एलजी बने तब से अधिकारियों का रवैया मनमाना हो गया है।

आपके LG बनने के बाद काम रोकने लगे अधिकारी, केजरीवाल का उपराज्यपाल को जवाब
Krishna Singhबृजेश सिंह,नई दिल्लीWed, 28 Feb 2024 11:53 PM
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना के खुले पत्र का जवाब पत्र लिखकर दिया है। एलजी को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में वो सबकुछ हो रहा है जो 1993 में विधानसभा के गठन के बाद कभी नहीं हुआ है। यह सब कुछ आप के एलजी बनने के बाद से शुरू हुआ है। जो अधिकारी पहले काम कर रहे थे, वही आप के एलजी बनने के बाद काम रोकने लगे हैं। केजरीवाल ने एलजी को रोके गए कार्यों की जानकारी देने के साथ उनके पत्र की भाषा को आपत्तिजनक करार दिया है। इस रिपोर्ट में केजरीवाल के पत्र का मजमून... 

एलजी को भेजे जबाव में अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले उनके पत्र की भाषा पर आपत्ति जताई है। उन्होंने लिखा कि बुधवार को आप का पत्र मिला लेकिन आप के पत्र की भाषा से मैं बहुत दुखी हूं। आप और मैं दोनों संवैधानिक पदों पर हैं। मैं दिल्ली सरकार का मुख्यमंत्री हूं, जिसे दिल्लीवालों ने लोकतांत्रिक तरीके से चुना है। आप भारत की केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त उपराज्यपाल हैं। हमारी राजनीति पृष्ठभूमि के नाते जो भी मतभेद हों लेकिन एक संवैधानिक पदाधिकारी से दूसरे पदाधिकारी के लिए आपत्तिजनक भाषा स्वीकार्य नहीं है।

केजरीवाल ने आगे लिखा आप ने कहा है कि जल बोर्ड के बिल की योजना का कैबिनेट प्रस्ताव आप के समक्ष नहीं लाया गया है जबकि मैं मैंने खुद इस विषय पर आपसे एक से अधिक बार चर्चा की है। आपके संज्ञान लाया है कि कैसे अधिकारी प्रभारी मंत्रियों के निर्देश के बाद भी प्रस्ताव को कैबिनेट में नहीं लाकर संवैधानिक संकट पैदा कर रहे हैं। चूकि सेवा विभाग आपके पास है जो उन पर कार्रवाई का अधिकार आप के पास है। यही कारण है कि मैंने आपके ध्यान में कई मुद्दे लाए हैं, जहां अधिकारियों द्वारा जनहित के कामों को रोका जा रहा है, जिसमें पानी का बिल भी शामिल है।

केजरीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते मैं रोजाना बहुत से लोगों को मिलता हूं। लोग अपनी समस्या लेकर आते हैं। उन समस्याओं को समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। मगर बीते दो वर्षों में बतौर मुख्यमंत्री मैं वो सब देख रहा हूं जो कभी नहीं देखा। यह दिल्ली में पहले कभी नहीं हुआ। दिल्ली में सरकार के कामों को रोका जा रहा है। मोहल्ला क्लीनिक में दवाएं और जांच बंद कर दिया गया। सिविल डिफेंसकर्मियों को हटा दिया गया। अस्पतालों से डेटा ऑपरेटर हटाकर ओपीडी ठप्प कर दी गई।

केजरीवाल ने आगे कहा- अब जब मैं आप को पत्र लिख रहा हूं दिल्ली में सीवर ओवरफ्लो रहे हैं, क्योंकि पिछले 7 महीने से फंड नहीं मिला है। जल बोर्ड की ऐसी हालत पहली बार हुई है। काम रोकने को लेकर अधिकारियों से पूछता हूं तो वो कहते हैं कि उन्हें एलजी ने चुनी हुई सरकार के साथ सहयोग करने पर कार्रवाई की धमकी दी है। कई मौके पर यह परेशानी आप के साथ साझा भी किया है।

केजरीवाल ने लिखा- आप कहते हैं कि मैंने किसी अधिकारी को काम रोकने के लिए नहीं कहा, मैं आप पर विश्वास करना चाहता हूं लेकिन कुछ मुद्दे हैं जो मेरे मन में संदेह पैदा करते हैं। क्योंकि ये वहीं अधिकारी हैं जो आपके आने से पहले काम करते थे, जब से आप एलजी बने हैं, ये अधिकारी काम रोकने लगे हैं। मैंने काम रोकने वाले अधिकारियों पर आपसे बार-बार कार्रवाई करने के लिए कहा है, इसके बावजूद एक भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।

केजरीवाल ने आगे लिखा कि सेवा और सतर्कता आपके नियंत्रण में है, इसलिए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की शक्ति आपके पास है। जब आप काम रोकने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करते हैं तो मन में संदेह पैदा होता है। क्या ये अधिकारी आपके निर्देश पर काम कर रहे हैं। आपसे एक बार फिर अनुरोध है कि कम से कम एक अधिकारी के खिलाफ अनुकरणीय कार्रवाई करें, तो इससे पूरी प्रशासनिक मशीनरी व्यवस्थित हो जाएगी। इससे संदेश जाएगा कि मुख्यमंत्री और एलजी दिल्ली के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

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