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Hindi News NCRLIVE: केजरीवाल को बेल या जेल; फैसले से पहले अदालत में जोरदार बहस, क्या-क्या दलीलें

LIVE: केजरीवाल को बेल या जेल; फैसले से पहले अदालत में जोरदार बहस, क्या-क्या दलीलें

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 21 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी।

LIVE: केजरीवाल को बेल या जेल; फैसले से पहले अदालत में जोरदार बहस, क्या-क्या दलीलें
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 20 Jun 2024 12:10 PM
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कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अभी जेल में ही रहेंगे या फिर वह बाहर निकलेंगे, इस पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में लगातार दूसरे दिन केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट बुधवार को ही फैसला सुनाना चाहता था लेकिन ईडी की दलीलें पूरी नहीं होने की वजह से सुनवाई को गुरुवार तक टाल दिया गया था। 

जज न्याय बिंदु की अवकाशकालीन बेंच ने केजरीवाल और ईडी के पक्ष को विस्तार से सुना। ईडी का पक्ष एएसजी एसवी राजू ने रखा तो केजरीवाल की तरफ से वरिष्ठ वकील विक्रम चौधरी ने अपने मुवक्किल के लिे राहत की मांग करते हुए कई दलीलें रखीं। दोनों के बीच जोरदार बहस देखने को मिली।

एसजी एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि सह आरोपी चरनप्रीत सिंह की जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश से अवगत कराया। राजू ने कहा कि उसे 45 करोड़ रुपए हवाला के जरिए मिले थे जिसे आम आदमी पार्टी के प्रचार पर गोवा में खर्च किया गया। उसने अरविंद केजरीवाल के 7 स्टार होटल में रुकने का खर्च उठाया। ईडी ने कहा कि जांच हवा में नहीं चल रही है, हमारे पास पुख्ता सबूत मौजूद हैं। जांच एजेंसी ने नोटों की तस्वीर होने का भी दावा किया। एएसजी ने केजरीवाल और चौहान के बीच चैट का भी दावा किया। 

ईडी ने कहा- केजरीवाल ने खुद अपराध नहीं किया हो लेकिन आम आदमी पार्टी के कामकाज के लिए जिम्मेदार हैं। यदि AAP दोषी है तो आप भी अपराध के दोषी हैं। यह पीएमएलए के सेक्शन 70 के तहत है। सहब जानते हैं कि आम आदमी पार्टी के से जुड़े मामलों को सिर्फ और सिर्फ अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार हैं। सेक्शन 70 उन पर लागू होता है क्योंकि वह पार्टी के मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। विधानसभा चुनाव लड़े उम्मीदवारों ने पुष्टि की कि उन्हें पैसे मिले थे। 

ईडी की तरफ से एएसजी ने विजय नायर की भूमिका का जिक्र किया और कहा कि उसने मिडिलमैन का काम किया। अरविंद केजरीवाल से उसकी नजदीकी शक के दायरे से बाहर है। उसने केजरीवाल के कैंप ऑफिस से काम किया और गवाह के बयान हैं कि वह केजरीवाल को रिपोर्ट करता था। एएसजी ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने केस की फाइल देखी थी और केजरीवाल को राहत देने से इनकार किया था। 

केजरीवाल की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील विक्रम चौधरी ने एक बार फिर मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि केस की शुरुआत अगस्त 2022 में हुई और पहला समन अक्टूबर 2023 में भेजा गया। 21 मार्च को कोर्ट ने अंतरिम राहत से इनकार किया लेकिन नोटिस जारी किया था पर उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। 

केजरीवाल ने कहा, 'क्या ईडी एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है या कुछ राजनीतिक आकाओं के हाथ खेल रही है। माय लॉर्डशिप आपको इस पर भी विचार करना होगा। मैं एक राजनीतिक व्यक्ति हूं मुझे ये बयान देने हैं।' चौधरी ने कहा कि यदि ईडी अभी भी सामग्री एकत्रित कर रही है तो यह कभी ना खत्म होने वाली जांच है।

चौधरी ने सेक्शन पीएमएस की धारा 70 को लेकर ईडी की ओर से लगाए गए आरोपों पर जवाब दिया। केजरीवाल की ओर से कहा, 'वे कहते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक हूं और इसिले मैं पार्टी के हर काम के लिए जिम्मेदार हूं। यह साबित करने के लिए कुछ नहीं है कि कभी आम आदमी पार्टी को 45 करोड़ रुपए मिले। यह सिर्फ अटकलें और पूर्वाग्रह है।'

एक दिन पहले क्या दी गईं दलीलें
अदालत में बुधवार को केजरीवाल की जमानत याचिका का विरोध करते हुए ईडी ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के लिए 'साउथ ग्रुप' से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी। ईडी ने अदालत से कहा कि इस मामले में बतौर आरोपी नामजद आम आदमी पार्टी (आप) कोई अपराध करती है तो इस पार्टी के प्रभारी को दोषी माना जाएगा। निदेशालय ने कहा कि जब पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को इस मामले में आरोपी बनाया गया था तब आप को बतौर आरोपी नामजद नहीं किया गया था। ईडी ने कहा, 'केजरीवाल ने रिश्वत मांगी। उन्होंने 100 करोड़ रुपये रिश्वत की मांग की। केजरीवाल ने आप के लिए चंदा मांगा। केजरीवाल ने साउथ ग्रुप से रिश्वत मांगी। आप यह नहीं कह सकते हैं कि वह अपराध के दोषी नहीं हैं। यदि आप कोई अपराध करती है तो उसके प्रभारी व्यक्ति को ही दोषी माना जाएगा।' 
 
अदालत में जिरह के दौरान केजरीवाल के वकील ने अदालत से कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ पूरा मामला बयानों पर आधारित है और उन्हें हैरानी नहीं होगी यदि कुछ और बयान सामने आ जाएं। उन्होंने कहा, 'ये बयान उन लोगों के हैं जिन्होंने खुद को दोषी माना है। वे संत तो नहीं हैं। वे ऐसे लोग नहीं हैं जो बस दागदार ही हैं बल्कि ऐसा लगता है कि उनमें से कुछ को गिरफ्तार किया गया, उनसे जमानत देने और माफ कर देने का वादा किया गया। सरकारी गवाह। एक अन्य श्रेणी है जिन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है।'  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि भी नहीं है।