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'मुख्य सचिव को दिल्ली सरकार के निर्देश मानने होंगे, अफसरों और नौकरशाहों को...' : सुप्रीम कोर्ट ने साफ की स्थिति

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि मुख्य सचिव की नियुक्ति भले ही केंद्र सरकार करती है, लेकिन उन्हें कुछ विषयों पर दिल्ली की निर्वाचित सरकार के निर्देशों का पालन करना होगा।

'मुख्य सचिव को दिल्ली सरकार के निर्देश मानने होंगे, अफसरों और नौकरशाहों को...' : सुप्रीम कोर्ट ने साफ की स्थिति
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानFri, 08 Dec 2023 06:43 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि मुख्य सचिव की नियुक्ति भले ही केंद्र सरकार करती है, लेकिन उन्हें कुछ विषयों पर दिल्ली की निर्वाचित सरकार के निर्देशों का पालन करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नौकरशाहों और अधिकारियों को राजनीतिक रूप से तटस्थ रहने की जरूरत है।

चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने 29 नवंबर को आदेश पारित किया था, लेकिन विस्तृत फैसला सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अब अपलोड किया गया है। इस फैसले में कोर्ट ने कहा कि मुख्य सचिव के कार्यों या निष्क्रियता से दिल्ली की निर्वाचित सरकार को गतिरोध में नहीं डालना चाहिए। फैसले में कहा गया कि मुख्य सचिव को उन विषयों पर दिल्ली सरकार के निर्देश मानने होंगे जो दिल्ली की चुनी हुई सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं। सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस और भूमि को छोड़कर सभी मसले दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार के शीर्ष नौकरशाह की सेवाओं को छह महीने के लिए बढ़ाने के केंद्र के फैसले को कानून का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। 

सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिल्ली सरकार की उस याचिका पर आया है, जिसमें दिल्ली सरकार ने उसके साथ बिना किसी परामर्श के नए मुख्य सचिव की नियुक्ति या मौजूदा शीर्ष नौकरशाह नरेश कुमार के कार्यकाल को बढ़ाने के केंद्र के कदम का विरोध किया है। नरेश कुमार 30 नवंबर को रिटायर होने वाले थे।

अपने 28 पन्नों के फैसले में बेंच ने शीर्ष अदालत के 1973 के एक फैसले का हवाला दिया और कहा कि यह देखा गया था कि मुख्य सचिव का पद ''बड़े विश्वास का पद और प्रशासन में एक महत्वपूर्ण कड़ी'' होता है। अदालत ने इस साल पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के 11 मई के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस और भूमि को छोड़कर सेवाओं के प्रशासन पर विधायी और कार्यकारी शक्तियां दिल्ली सरकार के अधीन हैं। 

-सुप्रीम कोर्ट, ''सरकार में मुख्य सचिव का पद विशिष्ट रूप से रखा गया है, मुख्य सचिव ऐसे सभी कार्य देखते हैं, जो दिल्ली सरकार के कार्यकारी दायरे में और इसके बाहर आते हैं। मुख्य सचिव को केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है, लेकिन उन्हें ऐसे विषयों पर चुनी हुई सरकार के निर्देशों का पालन करना चाहिए, जो उनकी कार्यकारी क्षमता के दायरे में आते हैं।''  

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