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दिल्ली के मुख्य सचिव के खिलाफ केजरीवाल सरकार के ऐक्शन पर तमतमाई भाजपा, क्या कहा?

Delhi Crime News: दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार के खिलाफ केजरीवाल सरकार के ऐक्शन को भाजपा ने हताशा करार दिया है। दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने क्या कहा जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट...

दिल्ली के मुख्य सचिव के खिलाफ केजरीवाल सरकार के ऐक्शन पर तमतमाई भाजपा, क्या कहा?
Krishna Singhलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीThu, 16 Nov 2023 12:10 AM
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दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार के खिलाफ केजरीवाल सरकार के ऐक्शन को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में सियासत गरमा गई है। दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने बुधवार को कहा कि मुख्य सचिव नरेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई AAP सरकार की हताशा को दर्शाती है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी के शीर्ष नौकरशाह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों के खिलाफ मामलों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा- हम दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार के खिलाफ दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी की हताशा को अच्छी तरह से समझ सकते हैं क्योंकि वह शराब घोटाले और बंगला रेनोवेशन समेत मुख्यमंत्री या दिल्ली सरकार के मंत्रियों के खिलाफ विभिन्न मामलों की जांच कर रहे हैं। 

भाजपा का यह बयान दिल्ली की सतर्कता मंत्री आतिशी की उस जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया है जिसमें भूमि अधिग्रहण के एक मामले में मुख्य सचिव नरेश कुमार की प्रथम दृष्टया मिलीभगत होने का आरोप लगाया गया है। आतिशी ने जांच रिपोर्ट सीएम अरविंद केजरीवाल को सौंपी है। यह मामला नरेश कुमार के बेटे करण चौहान से जुड़ा है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि 670 पन्नों की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हितधारकों को 897 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ प्राप्त हुआ होगा। 

केजरीवाल सरकार के कदम पर दिल्ली के सचिव नरेश कुमार कुमार ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि किस आधार पर ऐसे आरोप लगाए गए हैं, खासकर तब जबकि मुख्य सचिव ने पिछले साल यानी 2022 में ही कार्यभार संभाला था। रिपोर्ट की प्रति साझा नहीं की गई है। पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, आतिशी ने निष्पक्ष जांच के लिए मुख्य सचिव कुमार और संभागीय आयुक्त अश्विनी कुमार को उनके पदों से हटाने की सिफारिश की है। आतिशी ने कहा है कि मुख्यमंत्री इस रिपोर्ट को सीधे उपराज्यपाल को भेज सकते हैं। पिछले हफ्ते केजरीवाल ने एक शिकायत को जांच के लिए आतिशी के पास भेजा था।

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के मुख्य सचिव के बेटे एक रियल्टी फर्म में काम करते थे। वह कंपनी के एक निदेशक, सुभाष चंद कथूरिया के दामाद हैं। कथूरिया, दक्षिण-पश्चिम बामनोली गांव में अधिग्रहित भूमि के मालिकों में से एक हैं। उनको ही सड़क परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के लिए बढ़ा हुआ मुआवजा दिया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन जिलाधिकारी हेमंत कुमार द्वारा बढ़ा-चढ़ा कर निर्धारित की गई वैल्यू के आधार पर बामनोली गांव में 19.081 एकड़ जमीन के लिए कथुरिया को हासिल हुआ अनुचित लाभ 897.1 करोड़ रुपये रहा होगा। यह सतर्कता रिपोर्ट के 353.79 करोड़ रुपये के अनुमान से बहुत अधिक है। 

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