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Delhi AQI Pollution: दिल्लीवालों को 49 में से सिर्फ 7 दिन नसीब हुई साफ हवा, बीते 2 साल के मुकाबले इस बार ज्यादा प्रदूषण

सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष के शुरुआती 49 दिनों में सिर्फ 7 दिन ऐसे रहे हैं, जब AQI 200 से नीचे रहा। वर्ष 2023 में यह अवधि में 11 दिन और वर्ष 2022 में नौ दिन रही थी।

Delhi AQI Pollution: दिल्लीवालों को 49 में से सिर्फ 7 दिन नसीब हुई साफ हवा, बीते 2 साल के मुकाबले इस बार ज्यादा प्रदूषण
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानTue, 20 Feb 2024 05:53 AM
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मौसम के अलग-अलग कारकों की वजह से दिल्ली के लोगों को इस बार सामान्य से ज्यादा प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। इस वर्ष के शुरुआती 49 दिन में सिर्फ सात दिन हवा साफ रही है। सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार प्रदूषण ज्यादा है।

दिल्ली के लोग यूं तो हर साल सर्दी के समय प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं, लेकिन आमतौर पर जनवरी के दूसरे पखवाड़े से वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार होने लगता है। इस बार फरवरी के दूसरे पखवाड़े में भी हवा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की कमी और हवा की रफ्तार कम होने के चलते लोगों को पहले से ज्यादा प्रदूषित हवा में सांस लेना पड़ा रहा है।

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष के शुरुआती 49 दिनों में सिर्फ सात दिन ऐसे रहे हैं, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 से नीचे रहा। वर्ष 2023 में यह अवधि में 11 दिन और वर्ष 2022 में नौ दिन रही थी। यानी अगर हाल के तीन वर्षों के आंकड़ों पर निगाह डालें तो इस बार प्रदूषण का स्तर ज्यादा है।

सबसे अधिक दिन खराब हवा : इस वर्ष के 49 दिनों में 31 दिन ऐसे रहे हैं, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर दर्ज किया गया। इसकी तुलना अगर पहले के वर्षों से करें तो सिर्फ 2016 में ऐसे दिनों की संख्या 32 थी। इस वर्ष 31 दिन बेहद खराब, तीन दिन गंभीर, आठ दिन खराब और सात दिन मध्यम श्रेणी में हवा रही है।

दो दिन राहत के आसार : वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, हवा की रफ्तार बढ़ने से दो दिन यानी मंगलवार और बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से नीचे आने की संभावना है। सोमवार को वायु गुणवत्ता खराब स्तर पर रही।

ग्रैप का दूसरा चरण 120 दिन बाद हटा

प्रदूषण की स्थिति में सुधार की संभावना को देखते हुए ग्रैप का दूसरा चरण करीब हटा लिया गया। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से गठित ग्रैप कमेटी ने सोमवार को इस पर फैसला लिया। बैठक में कहा गया कि अभी दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में और ज्यादा गिरावट आने की संभावना नहीं है। इसके चलते ग्रैप का दूसरा चरण हटाने का फैसला लिया गया। ग्रैप का दूसरा चरण पिछले वर्ष 21 अक्तूबर से लागू है। इसमें मुख्यतौर पर हॉट स्पॉट वाली जगहों पर प्रदूषण को कम करने के लिए पानी के छिड़काव, एंटी स्मॉग गन का प्रयोग करने जैसे उपाय शामिल हैं। 

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