ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRकिराया बढ़ा सकेंगे ऐप आधारित टैक्सी संचालक, सरकार रखेगी निगरानी; डिलिवरी सेवा व ई-कॉमर्स कंपनियों को लेना होगा लाइसेंस

किराया बढ़ा सकेंगे ऐप आधारित टैक्सी संचालक, सरकार रखेगी निगरानी; डिलिवरी सेवा व ई-कॉमर्स कंपनियों को लेना होगा लाइसेंस

कैलाश गहलोत ने एग्रीगेटर्स योजना की जानकारी देते हुए कहा कि अब दिल्ली में ऐप आधारित टैक्सी सेवा प्रदाता डिलिवरी स्विगी, जुमैटो व ई-कॉमर्स जैसी कंपनियों को वाहन परिचालन के लिए लाइसेंस लेना होगा।

किराया बढ़ा सकेंगे ऐप आधारित टैक्सी संचालक, सरकार रखेगी निगरानी; डिलिवरी सेवा व ई-कॉमर्स कंपनियों को लेना होगा लाइसेंस
Swati Kumariहिंदुस्तान,नई दिल्लीWed, 29 Nov 2023 07:53 PM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली में ऐप आधारित टैक्सी और डिलिवरी सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को परिचालन करने के लिए लाइसेंस लेना होगा। दिल्ली परिवहन विभाग ने बुधवार को ऐसी कंपनियों की निगरानी के लिए दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर्स एवं डिलिवरी सेवा प्रदाता योजना की अधिसूचना जारी कर दी है। योजना में ऐप आधारित टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनियों पर किराया बढ़ोत्तरी (सरचार्ज) को लेकर कोई पाबंदी का प्रावधान नहीं किया गया है। सरकार का कहना है कि यात्री सुविधा के हिसाब से उचित किराया बढ़ा सकेंगे, जिसपर सरकार की निगरानी रहेगी। 

दिल्ली सचिवालय में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने एग्रीगेटर्स योजना की अधिसूचना की जानकारी देते हुए कहा कि अब दिल्ली में ऐप आधारित टैक्सी सेवा प्रदाता (ओला, उबर), डिलिवरी सेवा प्रदाता (स्विगी, जुमैटो) व ई-कॉमर्स (फ्लिपकार्ट, अमजॉन) जैसी कंपनियों को वाहन परिचालन के लिए लाइसेंस लेना होगा। जिनके पास भी 25 या उससे अधिक वाहन है उन्हें यह 90 दिनों के भीतर यह लाइसेंस लेना होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में प्रदूषण से लड़ाई का प्रवाधान किया गया है। इसलिए 2030 तक इस योजना के अंतर्गत चलने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहन में तब्दील करने का लक्ष्य रखा गया है। 

सरचार्ज पर पाबंदी नहीं पर रहेगी निगरानी 
ऐप आधारित टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा मनमानी किराया बढ़ाने (सरचार्ज) पर नियंत्रण के प्रावधान के सवाल पर कैलाश गहलोत ने कहा कि सरचार्ज को लेकर पहले हमें पहले जब भी शिकायत मिली है हमने कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हमने सरचार्ज वाले मुद्दे को इस योजना में नहीं छुआ है। हमारी प्राथमिकता पहले इस योजना को लागू करने का है उसमें सरचार्ज को लेकर कोई प्रावधान नहीं है। हमें देखना होगा कि अगर एक उचित सीमा में सरचार्ज के साथ यात्रियों को सुविधा मिल रही है की नहीं। अगर वह सरचार्ज जरूरत से ज्यादा होगा, लोगों की शिकायत आएगी तो कार्रवाई होगी। आगे उसे लेकर एक नियम भी बनाया जाएगा। किराये को लेकर क्या प्रावधान रहेगा तो उन्होंने कहा कि जो टैक्सी व तिपहिया का किराया होगा वहीं एक तरह से लागू होगा। 

बाइक टैक्सी में चलेंगे सिर्फ इलेक्ट्रिक दुपहिया 
परिवहन मंत्री ने कहा कि दिल्ली में आज से बाइक टैक्सी की आधिकारिक घोषणा हो गई है। उसके लिए लाइसेंस लेना होगा। उन्होंने कहा कि बाइक टैक्सी में अब जो भी नए दुपहिया जुड़ेंगे वह 100 फीसदी इलेक्ट्रिक दुपहिया का होना अनिवार्य होगा। यह सिर्फ बाइक टैक्सी के लिए नहीं बल्कि डिलिवरी सेवा प्रदाता कंपनियों के लिए लागू होगा। बाइक टैक्सी के किराये के सवाल पर कहा कि अभी उसका कोई किराया तय नहीं है वह भी जल्द अधिसूचित किया जाएगा। 

2030 तक सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन 
कैलाश गहलोत ने कहा कि एग्रीगेटर्स योजना में प्रदूषण से कैसे निपटा जाएगा उसका भी ख्याल रखा गया है। इसलिए इस योजना के तहत लाइसेंस लेने वाले कंपनियों को 2030 तक अपने सभी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करना होगा। औसतन हर साल 25 फीसदी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहन में तब्दील करना होगा। हर श्रेणी (दुपहिया, तिपहिया व चार पहिया) का हर साल का एक लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि लोग इलेक्ट्रिक वाहन को बेड़े में शामिल करें, इसलिए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कोई लाइसेंस शुल्क नहीं रखा गया है। 

यात्रियों की सुरक्षा के लिए कमांड कंट्रोल केंद्र 
ऐप आधारित टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा गया है। वाहनों में जीपीएस, पैनिक  बटन अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा चालकों के पुलिस वेरीफिकेशन, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। दिल्ली एनसीआर में एक कमांड कंट्रोल केंद्र बनाना होगा। परिवहन विभाग के साथ उसे शेयर करना होगा। जिससे उसपर निगरानी की जा सके। चालकों के खिलाफ आ रही शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई उसकी रिपोर्ट भी विभाग को देनी होगी। नियमों को तोड़ने पर 5 हजार से लेकर एक लाख रूपये तक के जुर्माने का प्रावधान के अलावा दूसरी बार पकड़ने जाने पर लाइसेंस रद्द करने का भी प्रावधान है। 

फैक्ट फाइल
90 दिनों के भीतर लाइसेंस लेना होगा। 
25 वाहन न्यूनतम बेड़े में होने चाहिए। 
2030 तक सभी वाहनों को ई-वाहन तब्दील करना होगा। 
5000 से 1 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है नियम तोड़ने पर। 

चरणबद्ध तरीके से ऐसे तब्दील होंगे ई-वाहन 

समय सीमा         यात्री श्रेणी के वाहन                               डिलिवरी सेवा प्रदाता
                 दुपहिया      तिपहिया      चार पहिया          दुपहिया       तिपहिया     चार पहिया
6 माह        100           10            5                         10            10            5
1 साल       100           25           15                       25           25              15
2 साल       100           50            25                      50           50              25
3 साल        100          75           50                      75           75              50
4 साल        100          100          75                     100          100            75
5 साल        100          100          100                    100          100           100
 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें