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दिल्ली की फिजा में जहर ही जहर! दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर; एक्यूआई 450 पार

दिल्ली की हवा दमघोंटू बनी हुई है। राजधानी में धुंध की मोटी परत में लिपटी रही। आईक्यू एयर के हवाले से बताया गया कि वास्तवित समय निगरानी में दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में दिल्ली शीर्ष पर है।

दिल्ली की फिजा में जहर ही जहर! दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर; एक्यूआई 450 पार
Sneha Baluniएजेंसी,नई दिल्लीSat, 04 Nov 2023 05:23 AM
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राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को धुंध की मोटी परत में लिपटी रही। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने स्विस संस्था आईक्यू एयर के हवाले से बताया कि वास्तवित समय निगरानी में दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में दिल्ली शीर्ष पर रही। शुक्रवार को यहां एक्यूआई 640 अंक की खतरनाक श्रेणी में दर्ज किया गया। इसके बाद पाकिस्तानी शहर लाहौर का एक्यूआई 335 था। 

वहीं सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली का एक्यूआई 468 अंक दर्ज किया गया। एक दिन पहले यह 392 अंक पर था। दिल्ली के आरकेपुरम में सर्वाधिक एक्यूआई 500 अंक दर्ज किया गया। अगले दो-तीन दिनों तक स्थिति ऐसी ही रहने की आशंका है। वहीं, एलजी ने पर्यावरण मंत्री गोपाल राय और अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।

मानकों से पांच गुना ज्यादा प्रदूषण 

हवा में पीएम-10 की मात्रा 100 और पीएम-2.5 की मात्रा 60 से कम होने पर उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। शुक्रवार दिन में यह 500 और 308 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया।

देश की हवा हो रही जानलेवा 

लैंसेट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में दूषित हवा के कारण भारत में 17 लाख मौत हुईं थीं। पांच साल तक के बच्चों को दूषित हवा से सबसे ज्यादा खतरा है। हवा में मौजूद सूक्ष्म प्रदूषक कणों से फेफड़ों को अधिक नुकसान होता है।

स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव

हवा में मौजूद दूषित कण इंसानों के बाल से 30 गुना ज्यादा पतला है। ये कण रक्त के जरिए फेफड़ों तक पहुंचते हैं, जिससे हृदय और सांस संबंधी परेशानी होती है।

ग्रैप का चौथा चरण अभी नहीं

केंद्रीय वायु गुणवत्ता आयोग की ग्रैप समिति प्रदूषण की स्थिति पर नजर रख रही है। हालांकि, ग्रैप का चौथा चरण अभी लागू नहीं किया जाएगा। प्रदूषण में तेजी से बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार को ग्रैप समिति की बैठक हुई। दोपहर 12 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 475 पर था, जो चार बजे घटकर 468 पर आ गया। शाम पांच बजे सूचकांक 456 अंक पर आ गया। इसे देखते हुए ग्रैप के चौथे चरण की पाबंदियों को अभी लागू नहीं करने का फैसला लिया गया। बैठक में कहा गया कि अभी ग्रैप के तीसरे चरण की पाबंदियों को लागू किए हुए चौबीस घंटे ही हुए हैं, इसलिए अभी पाबंदियों का असर सामने आने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए।

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